बरेली: पहले कॉल कर बुलाया, फिर फाड़कर फेंक दी लिस्ट, अधिकारी बोले- अब लिस्ट में नाम ढूंढकर लाओ फिर होगा इंटरव्यू
बरेली, अमृत विचार। उत्तर प्रदेश के बरेली बेरोगजारों के साथ भद्दा सलूक करने का मामला सामने आया है। रोजगार की आस में इंटरव्यू के लिए जिला उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन केंद्र पर पहुंचे बेरोजगारों के साथ बदतमीजी की गई। उनके केंद्र पर पहुंचने के बाद इंटरव्यू के नाम की लिस्ट को फाड़ कर कूड़े में …
बरेली, अमृत विचार। उत्तर प्रदेश के बरेली बेरोगजारों के साथ भद्दा सलूक करने का मामला सामने आया है। रोजगार की आस में इंटरव्यू के लिए जिला उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन केंद्र पर पहुंचे बेरोजगारों के साथ बदतमीजी की गई। उनके केंद्र पर पहुंचने के बाद इंटरव्यू के नाम की लिस्ट को फाड़ कर कूड़े में फेंक दिया गया। फिर कहा गया कि पहले कूड़े में पड़ी लिस्ट में से अपना नाम ढूंढकर लाओ, अगर लिस्ट में नाम ढूंढ लिया तो ही तुम्हारा इंटरव्यू हो सकेगा। इसके बाद लोग कूड़े में फटी पड़ी लिस्टों में अपना नाम ढूंढने में जुट गए।
विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के तहत बुलाए गए बेरोजगार
शासन से लागू हुई विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के अंतर्गत पारंपरिक कारीगरों व दस्तकारों जैसे बढ़ई, दर्जी, टोकरी बुनने वाले, नाई , सुनार लोहार, कुम्हार, हलवाई ,मोची आदि मजदूरों को छोटे उद्योग स्थापित करने के लिए 10 हजार से लेकर 10 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता राज्य सरकार द्वारा प्रदान किया जाना है। इसके आवेदकों को गुरुवार को बरेली के जिला उद्योग एवं उद्ययम प्रोत्साहन केंद्र पर करीब 400 लोगों को कॉल करके बुलाया गया था। लोगों का आरोप है कि उन्हें फोन करने के बाद बुलाया जरूर गया मगर वहां पर कह दिया गया कि उनके नाम की कोई लिस्ट ही नहीं है। तो फिर इंटरव्यू कैसे होगा।
एक युवक बोला- कूड़े में फटी पड़ी है लिस्ट
इंटरव्यू न होने की वजह से परेशान बेरोजगार अधिकारियों से सवाल जबाव करने में जुटे ही थे। बताया जा रहा है कि इसी बीच किसी ने कहा कि उनके नाम की लिस्ट कूड़े में फटी पड़ी है। इस पर अधिकारी तिलमिला गए और कहने लगे कि कूड़े में पड़ी लिस्ट में से अपना नाम ढूंढकर ले आ आओ तो तुम्हारा इंटरव्यू हो जाएगा। जिसके बाद सभी लोग कूड़े में पड़ी लिस्ट में नाम ढूंढने लगे।
इंटरव्यू में पास होने के बाद ही मिल सकता था लाभ
अधिकारियों की माने तो इस योजना का लाभ लेने के लिए इंटरव्यू में पास होना जरूरी है। इंटरव्यू के पास होने के बाद ही लोगों को लाभ मिल सकेगा। यदि वह इंटरव्यू में फेल होते है तो उनके लिए सुविधाओं का लाभ नहीं मिल सकेगा। इसी आस में लोग उद्योग एवं उद्ययम प्रोत्साहन केंद्र पहुंचे थे। मगर उनके साथ गंदा मजाक किया गया।
वर्जन –
यहां पर किसी की भी कोई लिस्ट फाड़कर नहीं फेंकी गई है। भीड़ ज्यादा होने की वजह से हो सकता है कि किसी आवेदक नहीं ही लिस्ट फाड़ दी हों। यहां से बिना इंटरव्यू किसी को भी वापस नहीं किया जाएगा।
— ऋषि रंजन गोयल, ज्वाइंट कमिश्नर, उद्योग एवं उद्ययम प्रोत्साहन केंद्र, बरेली
