काशी प्रांत बूथ सम्मेलन के लिए 27 को जौनपुर आएंगे रक्षा मंत्री

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जौनपुर। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह 27 नवंबर को जौनपुर टीडी कॉलेज में आयोजित काशी प्रांत बूथ अध्यक्ष सम्मेलन को संबोधित करेंगे। पार्टी सूत्रों के अनुसार उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले संगठन को मजबूत करने में जुटी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के 27 नवंबर को काशी क्षेत्र में 16 जिलों के बूथ अध्यक्षों के सम्मेलन …

जौनपुर। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह 27 नवंबर को जौनपुर टीडी कॉलेज में आयोजित काशी प्रांत बूथ अध्यक्ष सम्मेलन को संबोधित करेंगे। पार्टी सूत्रों के अनुसार उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले संगठन को मजबूत करने में जुटी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के 27 नवंबर को काशी क्षेत्र में 16 जिलों के बूथ अध्यक्षों के सम्मेलन में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह मुख्य अतिथि होंगे।

जौनपुर के टीडी कॉलेज में होने वाले इस सम्मेलन में 29 हजार 500 बूथ अध्यक्ष शामिल होंगे। सम्मेलन की तैयारियों को लेकर गुरुवार को प्रदेश सह प्रभारी सुनील ओझा ने वर्चुअल बैठक की। उन्होंने कहा, बूथ को मजबूत करना बूथ अध्यक्ष का पहला दायित्व है। वहीं, बूथ जीतने के लिए बूथ पर सामाजिक समीकरण का भी विशेष ध्यान रखना होता है।

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उन्होंने कहा कि चुनाव जीतने में बूथ अध्यक्ष की अहम भूमिका होती है। इस दौरान अशोक चौरसिया, संतोष पटेल, हंसराज विश्वकर्मा, विद्या सागर राय, सुशील त्रिपाठी, दिलीप पटेल, नवरतन राठी, संतोष सोलापुरकर, सहित सभी क्षेत्र पदाधिकारी, 16 जिलों के जिला अध्यक्ष, जिला प्रभारी, विधान सभा प्रभारी, मंडल अध्यक्ष, मंडल प्रभारी शामिल रहे।

रायबरेली: दो साल बाद गंगा तट पर सुनाई दिए बैलों के घुंघरू, बैलगाड़ियों से पहुंचे श्रद्धालु

कोरोनाकाल के कारण दो साल बाद क्षेत्र के गोकना गंगा घाट पर कार्तिक पूर्णिमा मेले में आस्था की ठुबकी लगने के लिए श्रद्धालु उमड़ पड़ें। पूर्णिमा के एक दिन पहले गुरुवार को ही गंगा तट पर स्नान करने के लिए श्रद्धालु का आगमन शुरू हो गया था। वहीं शुक्रवार को अपार भीड़ दिखी। मोहक अंदाज में सजे बैलों की बैलगाड़ी इस मेले का प्रमुख आकर्षण रहे। शुक्रवार व शनिवार दो दिन तक ऊंचाहार के गोकना गंगा घाट पर मेला लग गया है। इस दौरान लाखों की संख्या में लोगों ने स्नान दान की परम्परा का निर्वहन किया। शुक्रवार सुबह से ही दूर दराज के क्षेत्रों से मेला दर्शनार्थियों का आगमन शुरू हो गया है । ग्रामीण क्षेत्रों में विलुप्त हो रही बैलों की जोड़ी और बैलगाड़ी से मेले देखने की कई टोलियां गंगा घाट पर पहुंची तो बैलों व बैलगाड़ी देखने के लिए लोगों का कौतूहल उमड़ पड़ा और भीड़ लग गई।

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