लखनऊ: अधिकारियों के अवैध निर्माण को बचाने में जुटे अभियंता

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Edited By Amrit Vichar
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लखनऊ। आवास विकास की योजनाओं में अवैध निर्माणों को अभियंता ही बढ़ावा दे रहे हैं। परिषद के कर्मचारी और अधिकारी ही आवासीय योजना में शॉपिंग कॉम्पलेक्स का निर्माण कर शहर की सूरत बिगाड़ रहे हैं। विभाग के जिम्मेदार कार्रवाई करने की बजाय अवैध निर्माणों को संरक्षण दे रहे हैं। आवास विकास की वृंदावन योजना में …

लखनऊ। आवास विकास की योजनाओं में अवैध निर्माणों को अभियंता ही बढ़ावा दे रहे हैं। परिषद के कर्मचारी और अधिकारी ही आवासीय योजना में शॉपिंग कॉम्पलेक्स का निर्माण कर शहर की सूरत बिगाड़ रहे हैं। विभाग के जिम्मेदार कार्रवाई करने की बजाय अवैध निर्माणों को संरक्षण दे रहे हैं। आवास विकास की वृंदावन योजना में अवैध निर्माण तेजी से बढ़ रहे हैं। यहां आवासीय में खुलेआम का​मर्शियल कॉम्पलेक्स से लेकर फ्लैट तक बनाए जा रहे हैं।

परिषद के कर्मचारी और अधिकारी भी योजना में खुद आवासीय भूखंडों पर शॉपिंग कॉम्पलेक्स खड़े कर रहे हैं। आवास विकास मुख्यालय में तैनात वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी ने तेलीबाग के शनि मंदिर के पास अवैध कॉम्पलेक्स बना दिया है। इसमें दुकानें भी खुल गयी हैं। जब परिषद के अधिकारी ही अवैध निर्माण कर रहे हैं तो आम जनता को कैसे रोकेंगे। जिम्मेदार अधिकारी इन पर कार्रवाई नहीं कर रहे है तो अवैध निर्माण कैसे रुकेंगे।

अमृत विचार ने 18 अक्टूबर को इस खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। जिसके लगभग एक महीने बाद भी अवैध निर्माण पर कोई कार्रवाई हुई है। परिषद में वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी के प्रभाव को देखते हुए अभियंता ​अवैध बिल्डिंग पर कार्रवाई करने से कतरा रहे हैं और केवल नोटिस भेजकर अपना पल्ला झाड़ रहे हैं।

भूमि अर्जन विभाग में रहते हुए वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी नाथूराम ने सेक्टर पांच में मुख्य मार्ग से लगी खसरा संख्या 95 की अर्जित जमीन छुड़वाने में किसान की मदद की। बदले में किसान से लगभग 2500 वर्ग फिट जमीन अपनी पत्नी शकुंतला के नाम करा ली। इसके बाद इस भूखंड को अपनी पत्नी के नाम पर आवास विकास से आवंटित भी करा लिया। अब इस भूखंड पर दो मंजिला व्यवसायिक कॉम्पलेक्स बना दिया है।

प्रकरण की जांच करायी जाएगी। यदि आवासीय पर व्यवसायिक निर्माण किया गया है तो निर्माणकर्ता के साथ दोषी अधिकारियों पर भी कार्रवाई की जाएगी…डॉ. नीरज शुक्ला, सचिव, उप्र आवास एवं विकास परिषद।

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