हल्द्वानी: गोरखा समाज को साधने की कोशिश में सपा, मैदान में उतारेगी दो प्रत्याशी
हल्द्वानी, अमृत विचार। मुस्लिम समाज को धार बनाकर चुनाव में दम भरने वाली समाजवादी पार्टी इस बार नए नजरिए के साथ मैदान में उतरने का मन बना चुकी है। इस बार वह गोरखा समाज की अहम भूमिका के साथ चुनाव लड़ेगी। यही नहीं उत्तराखंड की दो सीटों पर उसने इस समाज के प्रत्याशियों को उतारने …
हल्द्वानी, अमृत विचार। मुस्लिम समाज को धार बनाकर चुनाव में दम भरने वाली समाजवादी पार्टी इस बार नए नजरिए के साथ मैदान में उतरने का मन बना चुकी है। इस बार वह गोरखा समाज की अहम भूमिका के साथ चुनाव लड़ेगी। यही नहीं उत्तराखंड की दो सीटों पर उसने इस समाज के प्रत्याशियों को उतारने का भी मन बना लिया है। साथ ही 2024 के लोकसभा चुनाव में सपा इस समाज एक प्रत्याशी खड़ा करेगी।
समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. सत्यनारायण सचान रविवार को कुमाऊं द्वार हल्द्वानी में बनभूलपुरा सपा कार्यालय में गोरखा समाज के लोगों के साथ मोजूद रहे। उन्होंने इस समाज से जुड़े लोगों को सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि अघोषित गठबंधन की भाजपा और कांग्रेस की सरकारों ने हमेशा गोरखा समाज को नेपाल का बताकर छला है। उनका हक नहीं दिया गया। सेना में भर्ती होकर देश की सुरक्षा में अहम योगदान देने वाले इस समाज के लोगों को उत्तराखंडी तक नहीं माना गया।

कई ऐसे मामले हैं, जहां इस तरह की उपेक्षा के कारण इन परिवारों को मायूस किया गया। इनके सम्मान और हक के लिए सपा काम करेगी। इसीलिए पहली बार समाजवादी गोरखा प्रकोष्ठ बनाया गया है। इसके प्रदेश अध्यक्ष संजय मल के नेतृत्व में समाज के लोगों को प्रकोष्ठ से जोड़ने का काम किया जाएगा। तराई और पहाड़ के उपेक्षित किसानों, पिछड़े वर्गों से जुड़े लोगों, पहाड़ के ब्राह्मण, ठाकुरों को भी हक दिलाने के लिए सपा मुखर होगी। पलायन रोकने के लिए पहाड़ में रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य को लेकर काम करने की योजना रहेगी। सामाजिक रूप से पिछड़े हर वर्ग को सपा जोड़ेगी और तीसरे विकल्प के रूप में 70 सीटों पर चुनाव लड़कर सत्ता या फिर सत्ता के नजदीक पहुंचेगी।
