…अब सूर्यास्त के बाद भी होगा पोस्टमार्टम, स्वास्थ्य मंत्रालय ने जारी किया ये आदेश
लखनऊ। स्वास्थ्य मंत्रालय भारत सरकार ने आदेश जारी किया है कि मृतकों का पोस्टमार्टम सूर्यास्त के बाद कराए जाने को लेकर डीएम से परमिशन लेने की जरूरत अब नहीं होगी। स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक सिर्फ पुलिस केस से जुड़े जो भी मामले होंगे उन्हीं में मृतकों के परिजनों को अनुमति लेना अनिवार्य होगा। बता दें …
लखनऊ। स्वास्थ्य मंत्रालय भारत सरकार ने आदेश जारी किया है कि मृतकों का पोस्टमार्टम सूर्यास्त के बाद कराए जाने को लेकर डीएम से परमिशन लेने की जरूरत अब नहीं होगी। स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक सिर्फ पुलिस केस से जुड़े जो भी मामले होंगे उन्हीं में मृतकों के परिजनों को अनुमति लेना अनिवार्य होगा। बता दें कि पहले सिर्फ दिन के समय ही पोस्टमार्टम कराने की अनुमति होती थी। सूर्यास्त के बाद पोस्टमार्टम कराना प्रतिबंधित था। जिसके लिए प्राविधान था कि मार्च्युरी में शव को सुरक्षित रख दिया जाएगा और दिन में पोस्टमार्टम कराया जाएगा।
जिससे मृतकों के परिजनों-स्वजनों को पूरी रात इंतजार करना पड़ता था। ठंड-बारिश हर परिस्थिति में शोकाकुल परिजनों को अस्पतालों के बाहर ही समय बिताने को मजबूर होना पड़ता था। हालांकि नए आदेशों के मुताबिक सभी जिलों में फोरेंसिक एक्पर्ट रखे जाएंगे। पोस्टमार्टम के प्रक्रिया की वीडियोग्राफी कराई जाएगी जिससे सबूत मिटाने को लेकर शव से कोई भी छेड़छाड़ नहीं हो सके।
फोरेंसिक एक्सपर्ट रखे जाने के बाद पोस्टमार्टम पारदर्शी तरीके से किया जा सकेगा। ध्यान रखने योग्य बात यह है कि किसी भी सामान्य मौत या दुर्घटना में मृत्यु होने की परिस्थिति में मृतकों का पोस्टमार्टम रात में कराया जा सकेगा। डीएम कार्यालय के चक्कर मृतकों के स्वजनों को नहीं लगाने होंगे। लेकिन किसी की हत्या, रेप, आत्महत्या, क्षत-विक्षत शरीर जैसे पुलिस केस के मामलों में डीएम की परमिशन लेना जरूरी होगा।
सूर्यास्त के बाद भी उन अस्पतालों में किया जाना चाहिए जिनके पास नियमित रूप से पोस्टमार्टम के लिए आधुनिक उपकरण उपलब्ध हों, प्रकाश की व्यवस्था हो… महानिदेशक वेदव्रत सिंह।
बता दें कि अंग्रेजों के जमाने से ही रात्रि में पोस्टमार्टम नहीं कराने की परंपरा चली आ रही है। कई तरह भ्रांतियां भी सामने सुनने को मिलती रहीं हैं। लेकिन केंद्र सरकार ने नए आदेश लागू कर मृतकों के परिजनों को राहत दी है।
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मृतकों के स्वजनों को मिलेगी यह राहत
- डीएम कार्यालय का नहीं लगाना पड़ेगा चक्कर।
- डीएम से निर्देश जारी होने के बाद ही स्वास्थ्य विभाग चिकित्सकों की टीम बनाता था। जिसमें काफी समय लग जाता था, अब इससे भी राहत होगी।
- पोस्टमार्टम में देरी के कारण डॉक्टरों पर रिपोर्ट में छेड़छाड़ करने के आरोप भी लगते रहे हैं।
नया आदेश के फायदे
- डीएम से परमिशन लेने की जरूरत नहीं होगी।
- फोरेंसिक पैनल एक्सपर्ट की टीम नियुक्त की जाएगी।
- जिस दिन की घटना होगी उसी रात पोस्टमार्टम हो सकेंगे।
- पोस्टमार्टम उसी दिन होने से से रिपोर्ट में पारदर्शिता बढ़ेगी।
