बरेली: जिला स्तर पर भी लागू होगी अभ्युदय कोचिंग योजना
बरेली, अमृत विचार। बरेली कॉलेज में मंडलायुक्त आर रमेश कुमार ने गुरुवार को अभ्युदय योजना के द्वितीय सत्र का आरंभ। इस मौके पर उन्होंने कहा कि इस योजना का लाभ उन छात्र-छात्राओं को विशेष तौर पर मिल रहा है, जो महंगी कोचिंग करने में समर्थ नहीं हैं। कमिश्नर ने कहा कि अभी तक यह योजना …
बरेली, अमृत विचार। बरेली कॉलेज में मंडलायुक्त आर रमेश कुमार ने गुरुवार को अभ्युदय योजना के द्वितीय सत्र का आरंभ। इस मौके पर उन्होंने कहा कि इस योजना का लाभ उन छात्र-छात्राओं को विशेष तौर पर मिल रहा है, जो महंगी कोचिंग करने में समर्थ नहीं हैं। कमिश्नर ने कहा कि अभी तक यह योजना मंडल स्तर पर लागू थी, लेकिन इसकी सफलता को देखते हुए शासन ने जनपद स्तर पर भी लागू करने का निर्णय लिया है। जल्द ही यह योजना जनपद स्तर पर भी लागू की जाएगी। बताया कि इस योजना से पढ़ाई करते हुए बरेली के एक छात्र का दाखिला आईआईटी इंदौर में हुआ है।
बरेली कॉलेज के सभागार में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि सफलता जब प्राप्त होती है जब लक्ष्य निश्चित होता है। जब तक लक्ष्य निश्चित नहीं होगा। तब तक सफलता प्राप्त नहीं की जा सकती है। उन्होंने कहा कि यदि करियर के प्रति प्रतिबद्धता है तो सफलता निश्चित तौर पर मिलेगी। उन्होंने सरकारी सेवा में आने के लिए छात्रों से कहा कि वे अपने अंदर सेवा भाव पैदा करें, समाज के वंचित तबकों, गरीबों असहायों के प्रति वे कितने संवेदनशील हैं, उन्हें यह जरूर याद रखना चाहिए।
इस मौके पर डीएम मानवेंद्र सिंह ने कहा कि लक्ष्य तय करना और फिर उसकी प्राप्ति के लिए लगातार और अनवरत प्रयास करना, सफलता का यही एक मार्ग होता है। डीएम ने छात्र-छात्राओं को अर्जुन और द्रोणाचार्य की चिड़िया की आंख वाली कथा भी सुनाई। डीएम ने कहा कि लक्ष्य तब प्राप्त होगा जब अर्जुन की तरह लक्ष्य पर निगाह रहेगी। सीडीओ चंद्रमोहन गर्ग ने कहा कि आप भविष्य में क्या बनना चाह रहे हैं, यह तय करना जरूरी है। इसके बाद लक्ष्य की दिशा में बढ़ते जाएं। सीडीओ ने कहा कि कोच केवल दिशा दिखा सकते हैं, प्लानिंग और मेहनत अभ्यर्थी को स्वयं करनी होगी।
इस अवसर पर बरेली कालेज के प्राचार्य डॉ. अनुराग मोहन तथा अभ्युदय योजन के पिछले सत्र में कोचिंग देने वाले शिक्षकों ने भी अपने विचार तथा अनुभव साझा किए। बता दें कि इस योजना के तहत धनंजय नाम के एक छात्र ने आईआईटी इंदौर में दाखिला लिया है। इस मौके पर कमिश्नर ने धनंजय को ट्राफी देकर सम्मानित किया।
आज से शुरू हुआ सत्र
इस योजना के तहत गुरुवार से शुरू हुए सत्र में एनडीए / सीडीएस के लिए 77 सीटों पर शिक्षण कार्य शुरू किया गया है। इसके अलावा नीट की 84,जेईई के लिए 38 अभ्यर्थियों ने पंजीकरण कराया है। वहीं यूपीएससी के लिए 645 अभ्यर्थियों का पंजीकरण किया गया। अभी तक कुल 844 छात्रों का पंजीकरण हो चुका है।
असमर्थ छात्रों के लिए वरदान है योजना
अधिकारियों ने बताया कि जो छात्र आर्थिक रूप से कमजोर हैं, उनके लिए यह योजना काफी फायदेमंद है। मेधावी छात्र इस योजना का लाभ विशेष तौर पर उठा सकते हैं। इस योजना के माध्यम से पढ़ाई करके अभ्यर्थी अपने सपने साकार कर सकते हैं।
