संभल : पशुओं की जान पर संकट, विभाग के पास वैक्सीन का टोटा

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संभल, अमृत विचार। असमोली विकासखंड क्षेत्र के कई गांवों के पशुओं में अज्ञात बीमारी ने पैर पसार लिए है। पशुपालकों के सामने ही पशु दम तोड़ रहे हैं। 20 दिनों में करीब दो दर्जन से अधिक पशुओं ने दम तोड़ दिया है। इसकी सूचना पशुपालन विभाग के चिकित्सक को दी गई, जिस पर शनिवार को …

संभल, अमृत विचार। असमोली विकासखंड क्षेत्र के कई गांवों के पशुओं में अज्ञात बीमारी ने पैर पसार लिए है। पशुपालकों के सामने ही पशु दम तोड़ रहे हैं। 20 दिनों में करीब दो दर्जन से अधिक पशुओं ने दम तोड़ दिया है। इसकी सूचना पशुपालन विभाग के चिकित्सक को दी गई, जिस पर शनिवार को पशु चिकित्सक गांव पहुंचे और खुरपका, मुंहपका इलाज करने के नाम पर इंफेक्शन व कीड़े न पड़ने का टीकाकरण कर दिया। वैक्सीन न होने की बात कहकर उन्होंने पर्चे पर दवा लिखकर जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया। इसको लेकर टीम को ग्रामीणों के विरोध का सामना भी करना पड़ा।

असमोली विकास खंड के ओबरी, मतावली, मुबारकपुर गांवों में बीस दिन में करीब दो दर्जन से अधिक पशुओं की जान चली गई है और सैकड़ों पशु बीमार चल रहे हैं। इससे पशुपालकों के माथे पर चिंता की लकीरें खिंच आई हैं। पशुपालक रात और दिन पशुओं को बचाने की जिद्दोजहद में लगे हैं। इसके बाद भी पशु उनके आंखों के सामने ही दम तोड़ रहे हैं। पशुओं में बीमारी की सूचना पशुपालकों ने पशुपालन विभाग को दी।

इस पर चिकित्सकों की टीम शनिवार को ओबरी गांव पहुंची। पशुओं का चेकअप कर बताया कि पशुओं में मुंहपका और खुरपका रोग फैल रहा है। इसके साथ ही उन्होंने इस रोग की वैक्सीन नहीं होने की बात कही तथा इंफेक्शन और कीड़े नहीं पड़ने के टीके पशुओं को लगा दिए। उसके बाद पर्ची पर दवा लिखकर पशुपालकों के हाथ में थमाकर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ते हुए वहां से चले गए। विभाग की लापरवाही की वजह से किसानों को मजबूरन झोलाछापों का सहारा लेना पड़ रहा है। इसके बाद भी पशुओं को फायदा नहीं हो पा रहा है। इससे पशुपालकों को काफी नुकसान हो रहा है।

चिकित्साधिकारी बोलीं- जाओ मीडियाकर्मियों से करा लो इलाज
पशुओं में बीमारी की जानकारी मिलने पर अमृत विचार की टीम गांव पहुंची और पशुपालकों से जानकारी की। मीडिया टीम के सामने ग्रामीणों ने फोन पर पशु चिकित्साधिकारी दीपांशी को पशुओं में बीमारी के विषय में सूचना देते हुए उनकी जान बचाने के लिए सार्थक प्रयास करने को कहा। इस दौरान वहां पर मीडियाकर्मियों की उपस्थिति का पता चलने पर वह नाराज हो गईं। बोलीं- जाओ, मीडिया वालों से ही इलाज करा लो। इससे पशुपालकों में विभाग के खिलाफ आक्रोश छाया हुआ है। उसके बाद शनिवार को विभाग की टीम गांव पहुंची और पशुओं के इलाज के नाम पर खानापूर्ति कर लौट आई।

ओबरी गांव में पशु की मौत की सूचना मिलने पर विभाग की टीम गांव में भेज दी गई है। स्वस्थ पशुओं को टीके लगाए जाएंगे तथा बीमार पशुओं को देखने के बाद हमारे पास जो भी वैक्सीन हैं, उन्हें पशुओं को लगाया जाएगा। डॉ. दीपांशी, पशु चिकित्साधिकारी

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