विद्युत संशोधक विद्येयक पेश करने की कोशिश न करे केंद्र सरकार: एनसीसीओईईई

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लखनऊ। बिजली कर्मचारियों ने केंद्र सरकार को चेतावनी दी है कि संसद के शीतकालीन सत्र में विद्युत संशोधन विधेयक पेश करने की सूरत में वे व्यापक प्रदर्शन करेंगे। बिजली कर्मचारियों और इंजीनियरों की राष्ट्रीय समन्वय समिति (एनसीसीओईईई) ने आज फैसला किया है कि अगर केंद्र सरकार संसद के शीतकालीन सत्र में इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल 2021 …

लखनऊ। बिजली कर्मचारियों ने केंद्र सरकार को चेतावनी दी है कि संसद के शीतकालीन सत्र में विद्युत संशोधन विधेयक पेश करने की सूरत में वे व्यापक प्रदर्शन करेंगे। बिजली कर्मचारियों और इंजीनियरों की राष्ट्रीय समन्वय समिति (एनसीसीओईईई) ने आज फैसला किया है कि अगर केंद्र सरकार संसद के शीतकालीन सत्र में इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल 2021 के माध्यम से जल्दबाजी करने की कोशिश करेगी तो देशभर में 15 लाख बिजली कर्मचारी और इंजीनियर काम छोड़कर दिन भर विरोध प्रदर्शन करेंगे। यह विरोध प्रदर्शन अब तक की सर्वाधिक भागीदारी वाला प्रदर्शन होगा।

जिसके परिणामों की जिम्मेदारी केंद्र सरकार की होगी। एनसीसीओईईई ने यह भी आह्वाहन किया है कि बिजली कर्मचारी संसद में इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल 2021 को पेश करने और पारित कराने की केंद्र सरकार की एकतरफा कोशिश के खिलाफ उसी क्षण लाइटनिंग कार्रवाई के लिए सतर्क और तैयार रहें। ऑल इंडिया पावर इंजीनियर्स फेडरेशन (एआईपीईएफ) के चेयरमैन शैलेंद्र दुबे ने यहां कहा कि एनसीसीओईईई की राष्ट्रीय समिति ने गंभीर चिंता के साथ नोट किया कि केन्द्र सरकार ने संसद के आगामी शीतकालीन सत्र में बिजली (संशोधन) विधेयक 2021 को कानून बनाने के लिए अपनी अड़ियल स्थिति दिखाई है।

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देश के गरीब और ग्रामीण लोगों के लिए बिजली आपूर्ति के अधिकारों पर अंकुश लगाने का उद्देश्य संसद के शीतकालीन सत्र के एजेंडे से संकेत मिलता है कि इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट ) बिल 2021 संसद के इसी सत्र में पेश किया जाएगा। इस परिस्थिति में एनसीसीओईईई ने उसी दिन बड़े पैमाने पर राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शन आयोजित करने का निर्णय लिया। जिस दिन भी विधेयक को संसद में रखा जाएगा। एनसीसीओईईई के सभी घटक अपने सदस्यों की यथासंभव अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित करेंगे।

वहीं, दिनभर चलने वाले प्रदर्शन में व्यापक भागीदारी के परिणाम की जिम्मेदारी सरकार को ही वहन करनी होगी। एनसीसीओईईई नेशनल चैप्टर की बैठक 3 दिसंबर को दिल्ली में होगी। इस बैठक में आगे की कार्ययोजना तय की जाएगी। यदि भारत सरकार विधेयक को अधिनियमित करने में जल्दबाजी करती है, तो एनसीसीओईईई के घटकों को एक्सप्रेस संचार के माध्यम से लाइटनिंग कार्रवाई का सहारा लेने के लिए खुद को तैयार रखना

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