बरेली: विज्ञापन कंपनी ने खुद नहीं हटाया तो निगम की टीम उखाड़ेगी अवैध शेड

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

बरेली, अमृत विचार। राजेंद्रनगर में दो साल पहले बनाई गई आदर्श रोड पर अनुमति लिए बगैर गुपचुप तरीके से बस स्टैंड के शेड लगाने वाली एक विज्ञापन कंपनी की मुश्किलें बढ़ गईं। नगर आयुक्त ने तीन साल पुरानी अनुमति पर और नया सर्वे व मंजूरी लिए बगैर कंपनी के मनमाने तरीके से बस स्टैंड के …

बरेली, अमृत विचार। राजेंद्रनगर में दो साल पहले बनाई गई आदर्श रोड पर अनुमति लिए बगैर गुपचुप तरीके से बस स्टैंड के शेड लगाने वाली एक विज्ञापन कंपनी की मुश्किलें बढ़ गईं। नगर आयुक्त ने तीन साल पुरानी अनुमति पर और नया सर्वे व मंजूरी लिए बगैर कंपनी के मनमाने तरीके से बस स्टैंड के शेड बनाए जाने पर नोटिस जारी कर दिया। विज्ञापन कंपनी दो से तीन दिन में अवैध शेड खुद नहीं हटाती है तो नगर निगम की टीम अपने स्तर से कार्रवाई कर इन शेडों को उखाड़ने की कार्रवाई करेगी।

करीब 4.5 करोड़ रुपये से दो साल पहले विकसित की गई शहर की इकलौती आदर्श रोड पर एक विज्ञापन कंपनी ने गुपचुप तरीके से कई बस स्टैंड के शेड बनवा दिए। इसके अलावा शहर के कुछ और हिस्सों में भी कंपनी नगर निगम प्रशासन से मंजूरी की नई प्रक्रिया पूरी कराए बगैर ही मनमाने तरीके से इन शेडों को लगाने की कोशिश कर रही है।

अधिकारियों का कहना है कि विज्ञापन कंपनी को शहर में 30 जगह पर बस स्टैंड के शेड लगाने की मंजूरी है। कंपनी को तीन साल पहले यह अनुमति दी गई थी, लेकिन तब से अब तक संबंधित कंपनी ने बस स्टैंड के शेड लगाने की कोई सुध नहीं ली। इस लंबे अंतराल में शहर के तमाम हिस्सों में विकास के साथ उनकी लोकेशन में भी काफी बदलाव हो चुका है। यानी पहले जहां फुटपाथ या कोई दूसरे निर्माण थे, वहां अब रोड चौड़ीकरण, नाला, हरियाली आदि विकसित की जा चुकी है।

अब स्मार्ट सिटी के तहत शासन से लोकल रूट पर इलेक्ट्रॉनिक बसों का संचालन होना है। इसे देखते हुए संबंधित विज्ञापन कंपनी ने अधिकारियों से नई मंजूरी और सर्वे की औपचारिकता कराए बगैर ही कई जगहों पर बस स्टैंड के शेड लगाने शुरू कर दिए। इसी क्रम में नगर निगम ने मोटी रकम खर्च करके दो साल पहले आदर्श रोड विकसित की है और वहां ग्रीन पट्टी भी छोड़ी थी, उसे उजाड़ते हुए कंपनी ने यहां तीन जगहों पर बस स्टैंड के शेड लगा दिए।

जबकि, तीन साल पहले कंपनी को जब अनुमति दी गई थी, तब वहां आदर्श रोड का निर्माण ही नहीं हुआ था। नगर आयुक्त अभिषेक आनंद ने कंपनी को नोटिस देते हुए दो से तीन दिन में खुद ही अवैध बस स्टैंड के बनाए गए शेड को हटाने का कहा है नहीं तो नगर निगम की टीम अपने स्तर से कार्रवाई करके अवैध शेडों को हटाने की कार्रवाई करेगी।

कुछ अधिकारियों की साठगांठ पर्दा डालने की कोशिश
एक विज्ञापन कंपनी ने नई परमीशन की औपचारिकता कराए बगैर आदर्श रोड पर अवैध बस स्टैंड के शेड बना लिए। नगर निगम की इस रोड पर यह काम कई दिन चला और अधिकारियों को इसकी भनक न लगने पर सवाल खड़े हो रहे हैं। सूत्र बताते हैं कि नगर निगम के कुछ अधिकारियों ने साठगांठ करके पहले इस बड़े मामले पर पर्दा डालने की कोशिश की थी लेकिन इसका पर्दाफाश होने के बाद अब कंपनी के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी कर ली गई है। हालांकि, अधिकारियों पर कंपनी के बचाव को लेकर दबाव डालने की जानकारी मिल रही है।

एक मंत्री जी के खास बताए जा रहे रिश्ते
एक विज्ञापन कंपनी ने चुपचाप अनुमति की कार्रवाई किए बगैर जिस तरह से अवैध बस स्टैंड के शेड लगाए जाने का मामला सामने आया है, उसे लेकर इस प्रकरण में एक मंत्री का शामिल होना भी बताया जा रहा है। इसलिए अधिकारी भी खुला मोर्चा लेने से बच रहे हैं। बताते हैं कि करीब सप्ताहभर पहले विज्ञापन कंपनी पर कार्रवाई की तैयारी थी लेकिन बाद में इसे किसी वजह से टाल दिया गया।

नगर निगम टीम ने अब तक नहीं किया जगहों का चिन्हांकन
सहायक नगर आयुक्त विवेक त्रिपाठी के नेतृत्व में नगर निगम की तीन सदस्यीय टीम को सर्वे करके विज्ञापन कंपनी के लिए नई जगहों का चिन्हांकन करना है। इस आधार पर ही कंपनी को उसी जगह पर शेड लगाए जाने हैं लेकिन यह टीम भी इस प्रक्रिया को पूरा करने में देरी कर रही है। नगर आयुक्त का कहना है कि टीम को यह रिपोर्ट एक-दो दिन में देनी है।

यह मामला गंभीर है कि एक विज्ञापन कंपनी ने नई अनुमति व सर्वे किए बगैर बस स्टैंड के शेड लगा लिए हैं। इसे लेकर कंपनी को नोटिस दिया गया है। अगर वह खुद इन शेडों को नहीं हटाती है तो नगर निगम की टीम को भेजकर कार्रवाई की जाएगी। -अभिषेक आनंद, नगर आयुक्त

संबंधित समाचार