हल्द्वानी: प्रदेश सरकार ने छह दिन में ही निरस्त किए छह वन अधिकारियों के तबादले

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हल्द्वानी, अमृत विचार। वन अधिकारियों के तबादलों पर आईएफएस ऑफिसर्स एसोसिएशन की आपत्ति के बाद प्रदेश सरकार बैकफुट पर आई है। प्रदेश सरकार ने छह आईएफएस अधिकारियों के तबादले निरस्त कर दिए हैं। प्रदेश सरकार ने बीती 25 नवंबर को 30 वन अधिकारियों के तबादले किए थे। इन तबादलों के बाद प्रदेश सरकार निशाने पर …

हल्द्वानी, अमृत विचार। वन अधिकारियों के तबादलों पर आईएफएस ऑफिसर्स एसोसिएशन की आपत्ति के बाद प्रदेश सरकार बैकफुट पर आई है। प्रदेश सरकार ने छह आईएफएस अधिकारियों के तबादले निरस्त कर दिए हैं।

प्रदेश सरकार ने बीती 25 नवंबर को 30 वन अधिकारियों के तबादले किए थे। इन तबादलों के बाद प्रदेश सरकार निशाने पर आ गई थी। आईएफएस ऑफिसर्स एसोसिएशन ने भी इन तबादलों को लेकर आपत्ति जताई थी। एसोसिशन ने तबादलों के विरोध में मुख्यमंत्री से मुलाकात करने का फैसला किया था। यह भी दावा किया था कि यदि मुख्यमंत्री स्तर पर समस्याओं का समाधान नहीं होता है तो आगे की रणनीति बनाई जाएगी। जरूरत पड़ने पर कोर्ट की शरण ली जा सकती है। इधर एसोसिएशन के विरोध के बाद के प्रदेश सरकार ने छह वन अधिकारियों के तबादले वापस कर दिए हैं। इनमें धर्म सिंह मीणा, डीटीजी सम्बंदम, दिनकर तिवारी, हिमांशु बागरी, धर्मेश सिंह, अशोक गुप्ता के तबादले निरस्त किए गए हैं। ये सभी अधिकारी पूर्व में तैनात स्थानों पर काम करते रहेंगे।

आईएफएस ऑफिसर्स एसोसिएशन ने लगाये थे ये आरोप 

एसोसिएशन का आरोप था कि तबादलों में पीएफएस अधिकारियों को प्रभारी डीएफओ की नियुक्ति दे दी गई है जबकि राज्य में कई आईएफएस अधिकारी तकरीबन डेढ़-दो साल से पोस्टिंग के इंतजार में हैं। वहीं इन तबादलों में कई आईएफएस अधिकारियों को टेरिटोरियल डिवीजन से हटाकर अनुसंधान, भूमि संरक्षण समेत अन्य प्रभागों में भेजा गया है। कई को मुख्यालय से अटैच कर दिया गया। आईएफएस कैडर रूल-1966 का उल्लंघन किया गया।

 

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