लखीमपुर-खीरी: डीएम साहब, कुछ तो करिए बंदरों से मिल सके निजात
लखीमपुर-खीरी, अमृत विचार। शहर में बंदर लोगों के लिए मुसीबत बन गए हैं। वह कब और कहां पर हमला कर काट लें कुछ नहीं कहा जा सकता है। हमलावर हो रहे बंदरों से छुटकारा दिलाने के लिए सपा महिला सभा की जिलाध्यक्ष तृप्ति अवस्थी तमाम पदाधिकारियों के साथ गुरुवार को डीएम से मिलीं और बंदरों …
लखीमपुर-खीरी, अमृत विचार। शहर में बंदर लोगों के लिए मुसीबत बन गए हैं। वह कब और कहां पर हमला कर काट लें कुछ नहीं कहा जा सकता है। हमलावर हो रहे बंदरों से छुटकारा दिलाने के लिए सपा महिला सभा की जिलाध्यक्ष तृप्ति अवस्थी तमाम पदाधिकारियों के साथ गुरुवार को डीएम से मिलीं और बंदरों को पकड़वाकर जंगल में छुड़वाने की मांग की है।
शहर में बंदरों की संख्या लगातार बढ़ रही है। छह महीने पहले वनविभाग ने कुछ बंदरों को पकड़कर शहर के बाहर छोड़ दिया था। इसके बाद भी बंदरों की संख्या कम होती नहीं दिख रही है। यह बंदर राह चलते लोगों के हाथों से सामान छीन ले जाते हैं। कभी-कभी काटकर उन्हें घायल कर देते हैं। घरों पर महिलाएं भी बंदरों के उत्पात से काफी परेशान हैं। बंदर कब हमला कर दे। कुछ नहीं कहा जा सकता है। गुरुवार को सपा महिला सभा की जिलाध्यक्ष तृप्ति अवस्थी तमाम महिला पदाधिकारियों के साथ डीएम कार्यालय पहुंची।
उन्होंने डीएम महेंद्र बहादुर सिंह को ज्ञापन देकर बताया कि नगर क्षेत्र में बंदरों के आतंक से लोग त्रस्त हैं। विशेष कर महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों का बाहर निकलना मुश्किल हो रहा है। बंदरों के काटने से कई लोग घायल हो चुके हैं। उन्होंने बंदरों को नगर क्षेत्र से पकड़वाकर दुधवा टाइगर रिजर्व में छुड़वाने की मांग की है। ज्ञापन देने वालों में पूनम यादव, आरती जनवार, प्रख्याति खरे, शबनम, ऊषा कश्यप, बिटोला बेगम आदि महिलाएं शामिल रहीं।
