पीलीभीत: नो एंट्री के वक्त एलएच रोड पर ट्रैक्टर ट्रॉली दौड़ाई, दो घायल
पीलीभीत, अमृत विचार। खुद को बनाए नियमों का पालन कराने में पुलिस की ओर से बरती गई लापरवाही का खामियाजा एक बार फिर राहगीरों को भुगतना पड़ा। एलएच चीनी मिल रोड पर लागू की गई नो एंट्री का पुलिस पालन नहीं करा सकी। उधर, एक चालक द्वारा स्कूल खुलने के समय ट्रैक्टर ट्रॉली दौड़ा दी …
पीलीभीत, अमृत विचार। खुद को बनाए नियमों का पालन कराने में पुलिस की ओर से बरती गई लापरवाही का खामियाजा एक बार फिर राहगीरों को भुगतना पड़ा। एलएच चीनी मिल रोड पर लागू की गई नो एंट्री का पुलिस पालन नहीं करा सकी। उधर, एक चालक द्वारा स्कूल खुलने के समय ट्रैक्टर ट्रॉली दौड़ा दी गई। इसकी चपेट में आकर स्कूटी सवार भाई-बहन घायल हो गए।
दोनों को जिला अस्पताल पहुंचाया गया। प्राथमिक इलाज के बाद हालत गंभीर होने पर उन्हें बरेली रेफर कर दिया गया है। हादसा स्कूल खुलने के समय पर हुआ था। दोनों स्कूल ही जा रहे थे। ऐसे में पुलिस व्यवस्था पर भी सवाल उठ गया है। इसे लेकर लोगों में नाराजगी भी दिखी। फिलहाल पुलिस ने ट्रैक्टर ट्रॉली को कब्जे में ले लिया है। अग्रिम कार्रवाई के लिए परिवार वालों से तहरीर मांगी है।
शहर के मोहल्ला इनायत गंज निवासी राजीव वर्मा की कोरोना की दूसरी लहर में मौत हो गई थी। उनकी बेटी तनीषा कक्षा 11, प्रीति कक्षा छह और आठ वर्षीय बेटा शुभम वर्मा कक्षा दो का छात्र है। बाबा राधेश्याम समेत अन्य परिवार वालों संग रहते हैं। बीते दिनों यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए पुलिस-प्रशासन की संयुक्त बैठक हुई थी। इसमें तय किया गया था कि स्कूल खुलने और छुट्टी के समय शहर में बड़े वाहनों की आवाजाही पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगी। इसकी जिम्मेदारी यातायात पुलिस को दी गई थी।
शनिवार सुबह तनीषा ने पहले छोटी बहन प्रीति को स्कूल छोड़ा।उसके बाद स्कूटी से अपने छोटे भाई को छोड़ने रेलवे स्टेशन चौराहा के पास एक निजी स्कूल तक जा रही थी। एलएच चीनी मिल के पास पहुंचते ही तेज रफ्तार ट्रैक्टर ट्रॉली ने स्कूटी को टक्कर मार दी। हादसे में तनीषा और शुभम गंभीर रुप से घायल हो गए। हादसे के बाद मौके पर भीड़ जमा हो गई।सूचना मिलने पर पुलिस भी पहुंच गई।आनन-फानन में दोनों को जिला अस्पताल भिजवाया गया। जहां प्राथमिक इलाज के बाद रेफर कर दिया गया।
उधर लोगों में पुलिस की लापरवाही को लेकर नाराजगी भी दिखी। उनका कहना था कि कागजों में तो स्कूल के समय वाहनों पर रोक लगा दी गई है। मगर, धरातल पर हर वक्त बड़े वाहनों की आवाजाही होती है। स्थानीय नागरिक मोहन कुमार ने तो यहां तक कहा कि आए दिन लोग चोटिल होते हैं। आपस में बहस होती और फिर चले जाते हैं। मगर, पुलिस की ओर से कोई सख्ती नहीं की जा रही। मानों किसी बड़े हादसे का इंतजार किया जा रहा हो।
