मुरादाबाद : निजी अस्पताल में भीषण आग से हड़कंप, मरीजों में मची चीख-पुकार
मुरादाबाद, अमृत विचार। गांधी नगर कालोनी में स्थित एक निजी अस्पताल में मंगलवार तड़के आग लग गई। हादसे के समय अस्पताल में मरीज और उनके तीमारदार ऑल स्टाफ समेत करीब 50 लोग मौजूद थे। अचानक लगी आग से हड़कंप मच गया। घटना गांधीनगर में स्थित डॉ. सीपी सिंह के जिज्ञासा नर्सिंग होम की है। तीन मंजिला …
मुरादाबाद, अमृत विचार। गांधी नगर कालोनी में स्थित एक निजी अस्पताल में मंगलवार तड़के आग लग गई। हादसे के समय अस्पताल में मरीज और उनके तीमारदार ऑल स्टाफ समेत करीब 50 लोग मौजूद थे। अचानक लगी आग से हड़कंप मच गया। घटना गांधीनगर में स्थित डॉ. सीपी सिंह के जिज्ञासा नर्सिंग होम की है। तीन मंजिला अस्पताल के भूतल पर तड़के करीब ढाई बजे अचानक आग लगी। आग का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। सूचना मिलते ही करें तीन बजे फायर बिग्रेड मौके पर पहुंच गई। फायर ब्रिगेड ने अस्पताल में फंसे मरीजों और उनके तीमारदारों को रेस्क्यू किया। आग की वजह से पूरा हॉस्पिटल जलकर राख हो गया।
करीब 20 लाख से ज्यादा के नुकसान का लगाया जा रहा अनुमान
जिज्ञासा नर्सिंग होम के निर्माण में फाइबर और लकड़ी का काम था। इसलिए पलक झपकते ही आज पूरे अस्पताल में फैल गई। तीन मंजिला अस्पताल में लगी आग से करीब 20 लाख रुपए के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है।
तीमारदारों के तीन वाहन भी जलकर हुए राख
अस्पताल के बाहर खड़े तीमारदारों के तीन वाहन भी आग की चपेट में आकर पूरी तरह जलकर नष्ट हो गए। जले वाहनों में एक स्प्लेंडर बाइक और दो स्कूटी शामिल है। आग कितनी तेज और जल्दी से फैली कि अस्पताल के मुख्य गेट के बाहर खड़े वाहनों को बचाने तक का मौका भी नहीं मिल सका।
गरम हो गए पड़ोसियों के दरवाजे और शटर
आप की भी क्षमता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि जिज्ञासा अस्पताल के आसपास रहने वाले लोगों के घरों में लगे दरवाजे और शटर भी बुरी तरह गर्म हो गए। पड़ोसियों ने बताया कि आग काफी भयंकर थी। अस्पताल से ऊंची ऊंची लपटें उठती देख पड़ोस में भी हड़कंप मच गया। पड़ोसियों ने अपने घरों से बाहर निकलने का प्रयास किया तो देखा कि उनके घरों के दरवाजे और शटर भी बुरी तरह गर्म हो चुके थे।
जब तक संभलते, सभी फ्लोर से उठने लगीं लपटें
जिज्ञासा नर्सिंग होम के संचालक डॉ. सीपी सिंह ने बताया कि तीन मंजिला अस्पताल के दरवाजे पर बिजली का मीटर लगा था। रात में ढाई बजे मीटर से कुछ चिंगारी निकलनी शुरू हुई थीं। रात में तीन बजे मीटर से निकली यह चिंगारी अस्पताल के दरवाजे पर खड़ी बाइकों पर गिरने लगीं। इसकी चपेट में आकर बाइकों में आग लग गई। रात होने की वजह से जब तक आग पर ध्यान गया तब तक अस्पताल का भूतल भी आग की चपेट में आ गया। डॉ. सिंह ने बताया कि तुरंत फायर ब्रिगेड और पुलिस को सूचना दी। लेकिन आग इतनी तेज थी कि देखते ही देखते अस्पताल के बाकी फ्लोर पर भी फैल गई। उन्होंने बताया कि अस्पताल के फायर एक्जिट से मरीजों और उनके तीमारदारों को बाहर निकाला गया। डॉ. सिंह का कहना है कि किसी भी मरीज या उसके तीमारदार को आग से नुकसान नहीं पहुंचा है।
नींद में थे मरीज, लपटें देख हुए बदहवास अस्पताल में तड़के तीन बजे जब लपटें उठना शुरू हुईं, उस समय मरीज और उनके तीमारदार नींद में थे। अचानक अस्पताल को आग की लपटों से घिरा देख मरीजों और तीमारदारों में हड़कंप मच गया। शोर गुल और चीख पुकार के बीच मरीजों को रेस्क्यू करने का काम फायर ब्रिगेड और पुलिस ने शुरू किया। एक-एक करके सभी मरीजों को अस्पताल से सकुशल रेस्क्यू कर लिया गया। इन सभी को सिंह ने अपने दिल्ली रोड स्थित ब्राइट स्टार नर्सिंग होम में शिफ्ट कर दिया है।
दमकल कर्मियों ने 28 मरीज और उनके तीमारदारों को रेस्क्यू किया
CFO (चीफ फायर ऑफिसर) मुकेश कुमार ने बताया अस्पताल में आग की सूचना पर पहुंची फायर ब्रिगेड ने 28 मरीजों और तीमारदारों व हॉस्पिटल स्टाफ के 16 लोगों को रेस्क्यू किया है। सभी मरीजों और तीमारदारों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
अस्पताल में आग बुझाने के उपकरणों की किराए की जा रही जांच
कटघर फायर स्टेशन के अग्निशमन अधिकारी ज्ञान प्रकाश शर्मा ने बताया कि रात में पूरा ध्यान आग में फंसे मरीजों को बचाने में लगा था। अस्पताल में फायर उपकरणों की जांच नहीं की गई थी। मंगलवार सुबह दमकल की टीम अस्पताल पहुंचकर आग बुझाने के उपकरणों, आग लगने के कारणों और अग्निकांड में हुए नुकसान की जांच करेगी।
