राजस्थान सरकार के मंत्री का दावा, कोरोना का ओमीक्रोन स्वरूप डेल्टा की तरह ताकतवर नहीं है

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जयपुर। राजस्थान सरकार के एक मंत्री ने मंगलवार को दावा किया कि कोरोना वायरस का ओमीक्रोन स्वरूप पूवर्वर्ती डेल्टा स्वरूप की तरह ”शक्तिशाली’ नहीं है। खाद्य और नागरिक आपूर्ति मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने मंगलवार को मंत्रिपरिषद की बैठक के बाद संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि ”हमारे पास जो रिपोर्ट है और मैं व्यक्तिगत …

जयपुर। राजस्थान सरकार के एक मंत्री ने मंगलवार को दावा किया कि कोरोना वायरस का ओमीक्रोन स्वरूप पूवर्वर्ती डेल्टा स्वरूप की तरह ”शक्तिशाली’ नहीं है। खाद्य और नागरिक आपूर्ति मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने मंगलवार को मंत्रिपरिषद की बैठक के बाद संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि ”हमारे पास जो रिपोर्ट है और मैं व्यक्तिगत रूप से मानता हूं कि ओमीक्रोन स्वरूप, डेल्टा स्वरूप की तरह ताकतवर नहीं है।

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की बैठक जयपुर में कांग्रेस पार्टी की ओर से 12 दिसंबर को होने वाली महारैली की तैयारियों और व्यवस्थाओं पर चर्चा करने के लिये बुलाई गई थी। कोरोना संक्रमण के मामलों में बढ़ोतरी के बावजूद रैली के आयोजन के सवाल का जवाब देते हुए मंत्री ने कहा कि सभी दिशा निर्देशों का अनुपालन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के बाद जयपुर में आयोजित होने वाली एक बड़ी रैली के लिये पार्टी कार्यकर्ताओं और लोगों में उत्साह है। उन्होंने बताया कि जीनोम सिक्वेंसिंग (अनुवांशिकी अनुक्रमण) में जयपुर में ओमीक्रोन स्वरूप से नौ लोगों के संक्रमित होने की पुष्टि हो चुकी है जबकि कुछ संदिग्धों के नमूने जांच में प्रक्रियाधीन है। इन्हें मिलाकर राज्य में वर्तमान में कोरोना वायरस से संक्रमण के 221 मरीज उपचाराधीन हैं।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री स्वयं कोरोना की स्थिति पर नजर बनाये हुए हैं। महंगाई के मुद्दे पर केन्द्र सरकार पर निशाना साधते हुए खाचरियावास ने कहा कि केन्द्र सरकार ने ईंधन की कीमतें उस समय बढ़ाई जब लोग कोरोना संक्रमण से मर रहे थे और सरकार ने अपना खजाना भर लिया। उन्होंने कहा, ”अब उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों में विधानसभा चुनाव को देखते हुए ईंधन की कीमतों में वृद्धि नहीं की जा रही है। उन्हें (भाजपा नेताओं को) डर है कि वे उत्तर प्रदेश में चुनाव हार सकते हैं और इसलिये ईंधन की कीमतें नहीं बढा रहे हैं।” मंत्री ने कहा कि कांग्रेस शासन और भाजपा शासन के बीच ईंधन की कीमतों में अंतर के बारे में पता करने के लिये वर्तमान में सभी जानकारियां इंटरनेट पर उपलब्ध है और लोगों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और भारत में ईंधन की कीमतों की जांच करनी चाहिए।

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