बरेली: निजीकरण के खिलाफ बैंक कर्मचारियों ने भरी हुंकार

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बरेली, अमृत विचार। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन्स के आह्वान पर मंगलवार को बैंककर्मी सिविल लाइंस स्थित इंडियन ओवरसीज बैंक पर एकत्र हुए। यहां बैंकिंग लॉ एमेंडमेंट बिल वापस आदि मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान यूपीबीयू के अध्यक्ष अनुराग ने कहा कि सरकार पूंजीपतियों के हाथों राष्ट्रीयकृत बैंको को …

बरेली, अमृत विचार। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन्स के आह्वान पर मंगलवार को बैंककर्मी सिविल लाइंस स्थित इंडियन ओवरसीज बैंक पर एकत्र हुए। यहां बैंकिंग लॉ एमेंडमेंट बिल वापस आदि मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान यूपीबीयू के अध्यक्ष अनुराग ने कहा कि सरकार पूंजीपतियों के हाथों राष्ट्रीयकृत बैंको को बेचने की नीयत से उनमें सरकारी हिस्सेदारी कम कर रही है। सरकार का यह कदम एक जनविरोधी कदम है। इसलिए बैंक कर्मचारियों को मांगों को लेकर आए दिन धरना प्रदर्शन करना पड़ रहा है।

ट्रेड यूनियन फेडरेशन के महामंत्री संजीव मेहरोत्रा ने कहा कि आखिर सरकार सार्वजनिक बैंको को निजी क्षेत्र में क्यों लाना चाहती है जबकि आजादी के बाद से 700 से अधिक छोटे-बड़े बैंक डूबे हैं या उनका राष्ट्रीयकृत बैंको में विलय किया गया। सरकार की इन बातों से यह सिद्ध होता है कि सार्वजनिक बैंकों में ही देश की जनता का हित है और उनकी निधि सुरक्षित है। अधिकारी संघ के ओपी वडेरा ने निजीकरण के बिल वापस नहीं होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी। फोरम के संयोजक दिनेश सक्सेना ने कहा कि निजी बैंको का उद्देश्य तो केवल मुनाफा कमाना होगा।

गावों और दुर्गम क्षेत्र की बैंक शाखाएं कभी भी बैंक निजीकरण के बाद नही बचेंगे। बैंकिंग सुविधा मंहगी होगी। प्रदर्शन को नावेंद्र कुमार, पीके माहेश्वरी, चरण सिंह यादव, बीडी सिंह, कुशल गर्ग, प्रवेश कुमार, आशीष शुक्ला, शेलेन्द्र, आलोक गुप्ता,मधु आदि ने संबोधित किया। वहीं, प्रदर्शन के बाद सीबीगंज स्थित बीएल एग्रो की फैक्ट्री में हुई तीन मजदूरों की मौत पर रोष प्रकट कर 2 मिनट का मौन रख और श्रद्धांजलि दी।

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