डीडीयूजीयू में गृह विज्ञान विभाग में बच्चों की देखभाल को बनेगा डे केयर सेंटर

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गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो राजेश सिंह के मार्गदर्शन में मूल्यांकन की तैयारी बैठक का आयोजन प्रशासनिक भवन के कमेटी हॉल में किया गया। बैठक में कुलपति ने नैक मूल्यांकन के सातों क्राइटेरिया की बारी-बारी से समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने आवश्यक सुधार के निर्देश दिए। साथ ही सभी कोआर्डिनेर्ट्स ने पॉवर …

गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो राजेश सिंह के मार्गदर्शन में मूल्यांकन की तैयारी बैठक का आयोजन प्रशासनिक भवन के कमेटी हॉल में किया गया। बैठक में कुलपति ने नैक मूल्यांकन के सातों क्राइटेरिया की बारी-बारी से समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने आवश्यक सुधार के निर्देश दिए। साथ ही सभी कोआर्डिनेर्ट्स ने पॉवर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से अपने-अपने क्राइटेरिया की प्रगति को प्रस्तुत किया।

कुलपति प्रो राजेश सिंह ने कहा कि नैक मूल्यांकन की दिशा में हम लोग सकारात्मक सोच के साथ सभी के सहयोग से आगे बढ़ रहे हैं। 15 दिनों के अंदर एसएसआर को फाइल किया जाना है। ऐसे में अपने संसाधनों को कितने अच्छे तरीके से प्रस्तुत किया जा सकता है। इसकी सभी समीक्षा करें। उन्होंने कहा कि छोटे बच्चों की देखभाल के लिए गृहविज्ञान विभाग में डे केयर सेंटर खोला जाएगा।

इससे विश्वविद्यालय में काम करने वाले महिला शिक्षकों और कर्मचारियों के साथ छात्राओं को लाभ मिलेगा। इसे लेकर विभाग में जगह की तलाश की जाएगी। देखभाल करने वाली आया को आउटसोर्सिंग पर रखा जाएगा।

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इसके साथ ही विश्वविद्यालय में होने वाले मरम्मत के कार्यों के लिए मरम्मत पॉलिसी बनाई जा रही है। इससे कार्यों की निगरानी के साथ-साथ एक तय समय के अंदर कार्य को पूरा किया जा सकेगा। बैठक में नैक कोऑर्डिनेटर, एनआईआरएफ कोऑर्डिनेटर, आईक्यूएसी के डायरेक्टर समेत समस्त कोऑर्डिनेटर मौजूद रहे।

कोरोना के नए वेरिएंट को लेकर झांसी मंडलायुक्त ने अधिकारियों को दिये निर्देश

उत्तर प्रदेश के झांसी मंडलायुक्त डॉ अजय शंकर पांडेय ने कोरोना के नये वेरिएंट को लेकर जरूरी तैयारियों के संबंध में बुधवार को तीनों जिले के जिलाधिकारियों को पत्र के माध्यम से निर्देश जारी किये। मंडलायुक्त ने बताया कि भौगोलिक दृष्टि से झांसी मण्डल के जनपदों की सीमाएं अन्य प्रदेशों से जुड़ी हुई हैं।

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