बरेली: गायों पर ऐसा अत्याचार, डीएम साहब देख जाओ एक बार
भोजीपुरा, अमृत विचार। प्रदेश सरकार गायों को लेकर बहुत फिक्रमंद नजर आती है। शहरों से लेकर गांव तक गौशालाएं चलवाती हैं। गायों के चारे और दवाओं के इंतजाम के लिए बजट का इंतजाम भी करवाती है मगर बेपरवाह सिस्टम फिर भी अपने ढर्रे से चलता नजर आता है। बरेली के धौराटांडा टाउन एरिया में संचालित …
भोजीपुरा, अमृत विचार। प्रदेश सरकार गायों को लेकर बहुत फिक्रमंद नजर आती है। शहरों से लेकर गांव तक गौशालाएं चलवाती हैं। गायों के चारे और दवाओं के इंतजाम के लिए बजट का इंतजाम भी करवाती है मगर बेपरवाह सिस्टम फिर भी अपने ढर्रे से चलता नजर आता है। बरेली के धौराटांडा टाउन एरिया में संचालित हो रहीं कान्हा गौशाला में गायों की हालत देखकर किसी का भी दिल रो उठेगा।
कई गायों की मौत हो चुकी है। एक गाय ने एक दिन पहले ही तड़पते हुए दम तोड़ा है। कई अभी भी बीमार हैं। गायों को न हरा चारा नसीब हो रहा और न इलाज। सूखा भूसा भी ऐसा कि जानवर खा न सकें। वहीं गौशाला के कर्ता-धर्ता कह रहे हैं सब इंतजाम दुरुस्त है। मौत को कौन रोक सकता है?
धौराटांडा के जंगल में स्थित नगर पंचायत की कान्हा गौशाला में अभी 57 गाय और बछड़े मौजूद हैं। कल तक संख्या 58 थी, मगर एक गाय की बुधवार को मौत हो गई। गौशाला और यहां मौजूद गौवंशीय जानवरों की हालत बहुत खराब नजर आती है। प्रशासन के पास इतनी फुर्सत नहीं जो एक बार कोई अधिकारी इस गौशाला में आकर यहां गायों की स्थिति को अपनी आंखों से देख सके। गौशाला तक पहुंचने का रास्ता खराब होने की वजह से अधिकारी यहां आने से बचते हैं।
गौशाला में गायों की देखभाल के लिए अफसार और इसरार नामक दो नौजवान गौसेवक की भूमिका में रहते हैं। ये गौसेवक बेहद खराब किस्म के सूखे भूसे के अलावा के अलावा कुछ और गायों को देने की स्थिति में नही हैं। सवाल पूछने पर अफसार और इसरार कहते हैं कि जो मौजूद होगा, वही तो गायों को खिलाएंगे। गौशाला में कई गायें बीमार हैं और इलाज को तरस रही हैं। न डॉक्टर आ रहा और न उनके लिए किसी तरह की दवा। गौशाला में कई गौवंशों की मौत अब तक हो चुकी है। अभी यहां गायों की हालत जो देख रहा है, वही कह रहा है कि गौशाला में गौवंशों पर अत्याचार हो रहा है।
दूसरी ओर धौराटांडा चेयरमैन शाहीन जहां गुड्डू के शौहर इफ्तखार अहमद कह रहे हैं कि गौशाला के इंतजामों में कोई कमी नही हैं। गायों को हरा चारा भी दिया जा रहा और उन्हें डॉक्टर भी समय-समय पर देखने आ रहा है। इसके बाद भी अगर कोई गाय मर जाती है तो मौत को कौन रोक सकता है। स्थानीय लोग कह रहे हैं कि जिले के डीएम अगर गौशाला का निरीक्षण करने आ जाएं तो गायों की हालत सुधर सकती है।
