लखनऊ: ओमीक्रॉन के खतरे को देखते हुए लिया गया ये खास निर्णय…
लखनऊ। यात्रियों की विमान से उतरते ही कोविड जांच होगी। अभी तक यह जांच टर्मिनल में प्रवेश के बाद बाहर निकलने से पहले होती थी। डायरेक्टर जनरल ऑफ सिविल एविएशन के निर्देश के बाद तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। ओमीक्रॉन के खतरे को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। एयरपोर्ट सूत्रों ने बताया …
लखनऊ। यात्रियों की विमान से उतरते ही कोविड जांच होगी। अभी तक यह जांच टर्मिनल में प्रवेश के बाद बाहर निकलने से पहले होती थी। डायरेक्टर जनरल ऑफ सिविल एविएशन के निर्देश के बाद तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। ओमीक्रॉन के खतरे को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है।
एयरपोर्ट सूत्रों ने बताया कि अन्तरराष्ट्रीय टर्मिनल पर यात्री विमान से उतरने के बाद बस में बैठेंगे। यह बस उनको लेकर टर्मिनल के बाहर टैक्सी बे की ओर बने टेंट के निकट उतारेगी। यहां बारी बारी से यात्रियों की आरटीपीसीआर या रैपिड पीसीआर जांच की जाएगी।
मौजूदा व्यवस्था में यात्री इमिग्रेशन, कस्टम जांच, सामान्य जांच से गुजरने के बाद कोविड टेस्ट कराते हैं। ऐसे में यदि यात्री संक्रमित है तो अन्य सभी एजेंसियों और टर्मिनल में मौजूद कर्मचारियों को संक्रमण फैलने का खतरा रहता है। इसी को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है।
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अन्तरराष्ट्रीय टर्मिनल पर औसत 9 से लेकर 13 उड़ानें रोजाना आ रही हैं। एयरपोर्ट पर रैपिड पीसीआर मशीनों की संख्या 95 पर पहुंच गई है। पहले ऐसी 30 मशीनें लगाई गई थीं। एक मशीन 30 मिनट में दो यात्रियों की कोविड रिपोर्ट देती है। एयरपोर्ट प्रशासन ने बताया कि यदि यात्री बढ़ते हैं तो पंजीकरण काउंटर की संख्या बढ़ाई जा सकती है।
यात्रियों को रैपिड पीसीआर, सामान्य पीसीआर जांच में किसी एक को चुनने का विकल्प दिया जा रहा है। लखनऊ इंटरनेशनल एयरपोर्ट के प्रवक्ता ने बताया कि अतिरिक्त जांच और विराम सुविधाओं की व्यवस्था की गई है।
