बरेली: 445 बीघा ग्रामसभा की भूमि मुक्त या कब्जा रहेगा, 13 को सुनवाई

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Edited By Amrit Vichar
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बरेली, अमृत विचार। ग्राम पंचायत रहपुरा जागीर में ग्रामसभा की 445 बीघा जमीन पर दशकों से लोग काबिज हैं। काबिज लोग ग्रामसभा की भूमि पर गेहूं-धान की फसलें करते आ रहे हैं। कई बार भूमि पर अवैध कब्जा होने का मामला उठने के बावजूद राजस्व विभाग ठोस कार्रवाई नहीं कर सका है। जबकि 48 साल …

बरेली, अमृत विचार। ग्राम पंचायत रहपुरा जागीर में ग्रामसभा की 445 बीघा जमीन पर दशकों से लोग काबिज हैं। काबिज लोग ग्रामसभा की भूमि पर गेहूं-धान की फसलें करते आ रहे हैं। कई बार भूमि पर अवैध कब्जा होने का मामला उठने के बावजूद राजस्व विभाग ठोस कार्रवाई नहीं कर सका है। जबकि 48 साल पहले गलत तरीके से आवंटित किए गए पट्टों को कई साल पहले निरस्त भी किया जा चुका है।

सहायक चकबंदी अधिकारी की कोर्ट ने पट्टे निरस्त करते हुए आदेश में लिखा था कि उचित कार्रवाई करते हुए राजस्व विभाग भूमि पर कब्जा ले और संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध जांच के लिए लिखा था लेकिन मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। अब मामला तूल पकड़ रहा है।

ग्राम पंचायत के ग्रामीणों ने विधायक डा. डीसी वर्मा पर भूमि पर कब्जा करने वालों को संरक्षण देने का आरोप लगाते हुए शुक्रवार को कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन भी किया था। उनका आरोप था कि विधायक के दखल से ही नवंबर में पैमाइश करने गई टीम वापस लौट आई थी। जबकि राजस्व विभाग के अधिकारियों का कहना था कि प्रकरण में कई ग्रामीण बंदोबस्त चकबंदी अधिकारी के यहां रेस्टोरेशन में चले गए थे। मामला कोर्ट में विचाराधीन है।

ग्रामीणों ने 13 दिसंबर को मामले में सुनवाई होने के बाद भूमि को स्वत: खाली करने की बात कही है। हालांकि, पहले 850 बीघा भूमि होने की बात सामने आई थी। जिला बंदोबस्त चकबंदी अधिकारी की कोर्ट से मामले का निस्तारण होने के बाद सही पैमाइश होने पर भूमि कितनी है, इसकी जानकारी सामने आएगी।

10 दिन के बाद ग्रामीण सेठ दामोदर स्वरूप पार्क में देंगे धरना
रहपुरा जागीर के तीरथ राम, गोकुल पाल, राम विलास, बुद्धसेन, सचिन, लालाराम, भगवानदास, हरदयाल, उदयपाल समेत अन्य ग्रामीणों ने शुक्रवार को अपर नगर मजिस्ट्रेट प्रदीप रमन को बताया था कि 23 नवंबर को प्रशासन की टीम भूमि की पैमाइश करने गई थी लेकिन गांव के दबंगों ने राजनैतिक दबाव डलवाते हुए पैमाइश रुकवा दी थी।

2017 में भूमि ग्रामसभा में दर्ज थी। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि प्रशासन ने ग्रामसभा की भूमि की पैमाइश कराकर अवैध कब्जा से मुक्त नहीं कराई तो 10 दिन के बाद सेठ दामोदर स्वरूप पार्क में अनिश्चिकालीन धरना प्रदर्शन करेंगे। अप्रिय घटना होने की जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।

भूमि को खाली कराने के लिए टीम गई थी। कुछ ग्रामीणों ने यह कहा था कि इसकी रेस्टोरेशन बाकी है। एसओसी के यहां इसमें 13 दिसंबर की तारीख लगी है। ग्रामीणों द्वारा कहा गया कि इसका निस्तारण होने दीजिए। उसके बाद इसे खाली कर देंगे। 13 दिसम्बर के बाद अभियान चलाकर जमीन खाली करायी जाएगी। भूमि 850 बीघा नहीं, 445 बीघा है। – वेदप्रकाश मिश्रा, एसडीएम मीरगंज

बीते दिनों चकबंदी और लेखपालों की टीम पैमाइश करने गई थी। किसी काश्तकार के पास स्टे था तो मौके पर दिखाया गया। जिसमें 2 हफ्ते का टाइम देकर टीम चली आई थी। दो हफ्ते बाद मौके पर टीम मौके पर फिर जायेगी। – अरविंद कुमार तिवारी, तहसीलदार मीरगंज

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