बरेली: स्मार्ट सिटी की अवैध बाजार बिगाड़ रहे सूरत

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बरेली, अमृत विचार। स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत शहर की तस्वीर बदलने के लिए सड़क व अन्य निर्माण पर करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं लेकिन अवैध बाजार व कब्जे इसकी सूरत बिगाड़ रहे हैं। जैसे हालात स्मार्ट सिटी में बरेली के चयन से पहले थे, वैसे ही अब हैं। जहां-जहां स्मार्ट सिटी के …

बरेली, अमृत विचार। स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत शहर की तस्वीर बदलने के लिए सड़क व अन्य निर्माण पर करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं लेकिन अवैध बाजार व कब्जे इसकी सूरत बिगाड़ रहे हैं। जैसे हालात स्मार्ट सिटी में बरेली के चयन से पहले थे, वैसे ही अब हैं। जहां-जहां स्मार्ट सिटी के तहत सड़क बनती जा रही है, उसके पीछे-पीछे फिर से दुकानदार कब्जा कर ले रहे हैं। इससे जाम लगता है और लोगों को कोई राहत नहीं मिल रही है।

नगर निगम बार-बार मधुवन टॉकिज के पास लगने वाले साप्ताहिक रविवार बाजार हटाने का दावा करता है लेकिन हर सप्ताह फिर से बाजार सज जाता है। दो हफ्ते पहले सीएम पोर्टल पर शिकायत के बाद इस बाजार से दुकानदारों को खदेड़ा गया है, लेकिन सिर्फ खानापूर्ति की गई। श्यामगंज पुल के पास सेतु निगम के कार्यालय के पास भी फड़ पर जूते-चप्पलों का बाजार लग जाता है। यही हाल शहर की तमाम दूसरी सड़कों का भी है।

शहर की सड़कों पर लगातार बढ़ते ट्रैफिक दबाव के चलते स्मार्ट सिटी परियोजना में सड़कों के चौड़ीकरण पर खास फोकस है। मुख्य सड़कों पर सड़कों पर हॉटमिक्स और उनके किनारों को तीन से चार मीटर तक चौड़ा किया जा रहा है। श्यामगंज से सेटेलाइट के बीच भी रोड को चौड़ा किया गया है लेकिन यहां ईसाईयों की पुलिया के पास मधुबन टॉकिज के नजदीक इस सप्ताह भी संडे बाजार में बड़ी संख्या में दुकानदार सड़क पर कब्जा किए बैठे रहे। इससे इस रोड दिनभर लंबा जाम लगा रहा। कुछ समय पहले नगर निगम के पूर्व उपसभापति छंगामल मौर्य ने सीएम पोर्टल पर बगैर अनुमति के लगने वाले संडे बाजार को लेकर शिकायत की थी। इसके बाद दो हफ्ते पहले नगर निगम के प्रर्वतन दल ने यहां पहुंचकर दुकानदारों को खदेड़ दिया था और कई ट्रॉली सामान जब्त कर लिया गया था।

इसके बाद नगर निगम और पुलिस-प्रशासन की ओर से सख्ती न दिखाए जाने से यहां फिर से संडे बाजार लग गया है। इससे सेटेलाइट रोड पर भयंकर जाम की समस्या से लोग जूझते रहे। उधर, श्यामगंज पुल के पास सेतु निगम के कार्यालय के पास कई दुकानदार जूते-चप्पलों की बिक्री के लिए फड़ पर कब्जा किए बैठे रहते हैं। ऐसे में पुल से नीचे उतरकर श्यामगंज चौराहे की ओर मुड़ने के दौरान यहां अक्सर चौपहिया वाहन फंस जाते हैं। ऐसे में बरेली कॉलेज से पुल की तरफ लंबा जाम लग जाता है। इस अवैध बाजार को भी हटाने के लिए कोई काम नहीं किए जा रहे हैं। यही हाल सिविल लाइंस रोड, जिला अस्पताल सहित शहर की तमाम दूसरी मुख्य सड़कों का है। यहां अतिक्रमण का स्थायी इलाज न हो पाने से जाम की समस्या कम होने का नाम नहीं ले रही।

सड़कें बनी वर्कशॉप, वाहनों की पार्किंग से भी दिक्कत
सेटलाइट से श्यामगंज के बीच स्मार्ट सिटी के तहत सड़क का चौड़ीकरण कराया गया है लेकिन यहां पर वाहनों की मरम्मत करने वाले मिस्त्री सड़कों पर ही वाहनों को खड़ा करके काम करते हैं। अपनी वर्कशॉप न होने से उन्होंने सड़कों पर ही कब्जा कर लिया है। स्टेडियम रोड को भी 15वें वित्त आयोग की रकम से चौड़ा किया गया है लेकिन यहां भी ईंट पजाया से लेकर मॉडल टाउन चौकी के तरफ सड़कों के दोनों ओर दुकानदारों के कब्जे नहीं हटाए गए हैं। सिविल लाइंस रोड और अस्पताल रोड पर भी वाहनों की अवैध पार्किंग का संचालन सड़कों पर ही बेरोकटोक हो रहा है। इसके चलते सड़कों पर जाम की समस्या का निस्तारण नहीं किया जा पा रहा है।

वर्जन-
जहां पर अवैध अतिक्रमण है, उन्हें चिन्हित करके खाली कराया जाता है। जिस जगह से अतिक्रमण हट जाए, वहां दोबारा कब्जे न होने पाए, इस संबंध में जल्द ही कड़े निर्देश दिए जाएंगे। -अभिषेक आनंद, नगर आयुक्त

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