तैयारी ही समझदारी
कोरोनो वायरस का नया स्वरूप ऑमिक्रान अंततः डेल्टा वेरिएंट की जगह ले सकता है, वैज्ञानिक ऐसी आशंका जता रहे हैं। ऑमिक्रान वेरिएंट को लेकर विशेषज्ञों की चेतावनी चिंता बढ़ाती है। एसएसीईएमए की निदेशक जूलियट पुलियम के अनुसार भारत में ऑमिक्रान तेजी से फैलेगा। हालांकि विशेषज्ञ कह रहे हैं कि पहले कोरोना से संक्रमित हुए और …
कोरोनो वायरस का नया स्वरूप ऑमिक्रान अंततः डेल्टा वेरिएंट की जगह ले सकता है, वैज्ञानिक ऐसी आशंका जता रहे हैं। ऑमिक्रान वेरिएंट को लेकर विशेषज्ञों की चेतावनी चिंता बढ़ाती है। एसएसीईएमए की निदेशक जूलियट पुलियम के अनुसार भारत में ऑमिक्रान तेजी से फैलेगा। हालांकि विशेषज्ञ कह रहे हैं कि पहले कोरोना से संक्रमित हुए और टीकाकरण करा चुके लोगों में यह कमजोर होगा। इसलिए हरसंभव कोशिश करके देश में टीकाकरण की रफ्तार बढ़ाई जानी चाहिए।
देश के विषाणु विज्ञानियों का मानना है कि सरकार को अब बूस्टर डोज शुरु कराने में देर नहीं करनी चाहिए। वैज्ञानिकों ने कहा है कि बूस्टर खुराक उन लोगों के बचाव के लिए सबसे आसान कदम है, जिनकी प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर है। पूरी दुनिया में जब कोविड का डेल्टा संक्रमण फैला तो इसकी मारक क्षमता से वैज्ञानिकों ने बूस्टर खुराक पर प्रयोग शुरू किया।
अब तक प्रकाशित छह से सात शोध में कहा गया है कि एक प्रकार की वैक्सीन के दोनों डोज के बाद बूस्टर में भी वही वैक्सीन लेने वालों में औसतन चार से 12 प्रतिशत एंटीबॉडी में बढ़ोतरी हुई। वहीं, जिन लोगों ने बूस्टर खुराक के रूप में तीसरी खुराक बाकी दोनों खुराक वाले वैक्सीन से अलग लिया, उनमें एंटीबॉडी औसतन 28 से 32 प्रतिशत तक बढ़ोतरी हुई।
विषाणु विज्ञानी डॉ. शाहिद जमील हम ऑमिक्रान के अज्ञात जोखिमों के बारे में सतर्क होना चाहते हैं, तो अधिक से अधिक लोगों को बूस्टर खुराक देना सबसे आसान कदम है, विशेष रूप से उन लोगों को जिनकी प्रतिरोधक क्षमता कम है। साथ ही बुजुर्गों और विभिन्न रोगों से पीड़ित लोगों के लिए भी ऐसा किया जा सकता है। यह उनके लिए लाभदायक है। आईसीएमआर के विषाणु विज्ञान उन्नत अनुसंधान केंद्र के पूर्व निदेशक डॉ. टी. जैकब जॉन का कहना है कि बच्चों को भी टीका लगाया जाना चाहिए क्योंकि आबादी के एक बड़े हिस्से को टीका नहीं लगाए जाने से मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
जरूरी है कि भारत में कोवैक्सिन और कोविशील्ड का सीरा कितनी अच्छी तरह से वायरस को बेअसर करता है, यह जानने के लिए ऑमिक्रान पर अध्ययन किया जाना चाहिए। बूस्टर पर एक नीति बनानी होगी। साथ ही किशोरों के साथ बच्चों का टीकाकरण शुरू कराया जाए। सुरक्षा प्रदान करने में देरी का मतलब सुरक्षा से वंचित होना भी हो सकता है। लोग कोविड नियमों का पालन करें और बचाव पर हर संभव ध्यान दें।
