अमृत विचार अभियान : डीएम के दरबार में पहुंचा परिवहन निगम, दिल्ली रूट की बसों को चलाए जाने की अनुमति के लिए लगाई गुहार

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मुरादाबाद, अमृत विचार। शहर के लोकोशेड पुल निर्माण के दौर में दिल्ली रूट की बसों का संचालन टेढ़ी खीर बना हुआ है। प्रशासन का मौखिक आदेश सब पर भारी है। यात्री बढ़े किराये और समय की मार झेल रहे हैं। रोडवेज प्रबंधन भी अपनी दिक्कत से जूझ रहा है। अब इस ओर से दिल्ली रूट …

मुरादाबाद, अमृत विचार। शहर के लोकोशेड पुल निर्माण के दौर में दिल्ली रूट की बसों का संचालन टेढ़ी खीर बना हुआ है। प्रशासन का मौखिक आदेश सब पर भारी है। यात्री बढ़े किराये और समय की मार झेल रहे हैं। रोडवेज प्रबंधन भी अपनी दिक्कत से जूझ रहा है। अब इस ओर से दिल्ली रूट की बसों को चलाए जाने की अनुमति के लिए रोडवेज प्रबंधन ने जिलाधिकारी के दरबार में गुहार लगाई है।

  • 42 रुपये था पहले मुरादाबाद से अमरोहा का किराया
  • 10 रुपये की कर दी गई है अब वृद्धि
  • 13 किलोमीटर दूरी है बस स्टॉप से गागन के बीच

रेलवे स्टेशन क्षेत्र में जाम को देखते हुए यातायात पुलिस, सिविल प्रशासन, परिवहन विभाग तथा संभागीय परिवहन विभाग की साझा बैठक में यह निर्णय लिया गया। तब से दिल्ली रूट की बसों को मुरादाबाद डिपो से पीतल नगरी-हनुमान मूर्ति-पंडित नगला बाईपास होते हुए गागन तिराहा पर दिल्ली रोड से आ-जा रहीं हैं। साल भर से लोकोशेड के दोनों पुल से दिल्ली रूट पर यातायात व्यवस्था सामान्य रूप से चालू है। उसके बाद भी दिल्ली रूट की निगम की बसों का संचालन बहाल नहीं हो पाया है। यातायात पुलिस इसके पीछे जाम को कारण बता रही है।

उधर, इस बदलाव का व्यापक असर यात्रियों पर पड़ रहा है। मुरादाबाद से अमरोहा जाने वाले यात्रियों को 42 की जगह 52 रुपये किराया देना पड़ रहा है। रोडवेज के आंकड़े में डिपो से गागन (दिल्ली हाईवे को जोड़ने वाला क्षेत्र) की दूरी 13 किलोमीटर है। इसका किराया 17 रुपये है। इस दूरी को पूरा करने में बसें 30 से 45 मिनट का समय लेती हैं। सालों से मुरादाबाद डिपो से रेलवे स्टेशन, कपूर कंपनी, मझोली तिराहा, चरण सिंह चौक और आवास विकास कॉलोनी के लोगों के लिए बसें आसानी से उपलब्ध नहीं हो पा रहीं हैं। इससे रोडवेज के यात्री भी घट गए हैं।

आश्चर्य की बात है कि स्टेशन रोड पर जाम से निजात के लिए बसों के संचालन रोकन का निर्णय मौखिक रूप सुझाया गया। लेकिन, रोडवेज प्रबंधन के लिखित अनुरोध के बाद भी यातायात पुलिस दिल्ली रूट की बसों को चलने नहीं दे रही है।

अमृत विचार की खबर पर संज्ञान, 104 ऑटो का चालान
शहर में दौड़ रहे गैर क्षेत्र के परमिट वाले ऑटो रिक्शाओं पर सोमवार को कार्रवाई की गई। अमृत विचार के समाचारीय अभियान के मद्देनजर टीएसआई पवन त्यागी सहित टीम ने डबल फाटक, रोडवेज, दिल्ली रोड स्थित धर्मकांटा और साईं अस्पताल स्थित कांशीराम गेट के सामने नाकाबंदी की। 104 ऑटो का चालान किया। अधिक सवारी बैठाने, हेड लाइट की खराबी और रूट उल्लंघन के मामले में पुलिस की यह कार्रवाई चर्चा में रही। सूत्रों का कहना है कि बाहरी क्षेत्र के ऑटो चालक अभियान की भनक लगते ही दुबक गए।

एसपी यातायात अशोक कुमार सिंह ने बताया कि सुगम यातायात के लिए संगठित तरीके से प्रयास किया जा रहा है। रेलवे स्टेशन रोड पर हमारा फोकस है। मुरादाबाद डिपो के सहायक प्रबंधक के पत्र का संज्ञान लेते हुए वातानुकूलित बसों का संचालन शुरू कराया गया। अब अगर फिर पत्र आया है तो उसका अध्ययन कर उच्चाधिकारियों से बात कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। यात्री सेवा और सुविधा के लिए पुलिस पूरी तरह से तत्पर है।

क्षेत्रीय प्रबंधक रोडवेज दीपक चौधरी बताया कि मुरादाबाद डिपो से दिल्ली रूट पर चलने वाली बसों को डायवर्ट किए जाने से रोडवेज को भी नुकसान उठाना पड़ रहा है। हमारा लोड फैक्टर प्रभावित हो रहा है और डीजल की खपत बढ़ी हुई है। इस मुद्दे पर विभाग लगातार प्रशासन के संपर्क में है। 13 सितंबर को पुलिस अधीक्षक यातायात को पत्र लिखकर बसों के संचालन में सहयोग मांगा गया था। अब जिलाधिकारी सहित पुलिस प्रशासन से अनुरोध किया गया है।

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