हल्द्वानी: यहां एक महीने से नलों में नहीं सड़क पर बह रहा पानी, विभाग को पता ही नहीं
हल्द्वानी, अमृत विचार। कुमाऊं के प्रवेश द्वार हल्द्वानी में पेयजल लाइनों में लीकेज अब आम जनता के लिए परेशानी का सबब बनते जा रहा है। इसके बावजूद जल संस्थान के अधिकारी लीकेज दुरुस्त कराने को लेकर बिल्कुल भी गंभीर नहीं हैं। कॉलोनियों के साथ ही शहर की मुख्य सड़कें भी लीकेज का दंश झेलकर टूट …
हल्द्वानी, अमृत विचार। कुमाऊं के प्रवेश द्वार हल्द्वानी में पेयजल लाइनों में लीकेज अब आम जनता के लिए परेशानी का सबब बनते जा रहा है। इसके बावजूद जल संस्थान के अधिकारी लीकेज दुरुस्त कराने को लेकर बिल्कुल भी गंभीर नहीं हैं। कॉलोनियों के साथ ही शहर की मुख्य सड़कें भी लीकेज का दंश झेलकर टूट रही हैं। चंबल पुल क्षेत्र से सटी चार कॉलोनियों के लोग भी इन दिनों पेयजल लाइन में लीकेज की समस्या से परेशान हैं।
क्षेत्र निवासी सामाजिक कार्यकर्ता दिनेश चंद्र गुणवंत ने बताया कि बीते एक महीने से कॉलोनी की मुख्य सड़क पर चार से पांच जगहों पर लीकेज हो रहा है। सड़क पर तालाब जैसी स्थिति बन चुकी है। जलभराव होने से सड़क भी खराब हो गई है। कई बार विभागीय अधिकारियों को सूचित किया गया लेकिन सुध नहीं ली गई। जिससे क्षेत्र के लोगों में आक्रोश है।
वहीं, जल संस्थान के अधिशासी अभियंता संजय कुमार श्रीवास्तव ने लीकेज की जानकारी न होने की बात कही है। उन्होंने कहा कि लोगों को अखबार के बजाय संबंधित जेई से शिकायत करनी चाहिए।

बोले लोग: दफ्तर की कुर्सी छोड़कर स्थलीय निरीक्षण करें अधिकारी
जल संस्थान की महिमा भी अपरंपार है। कभी महीनों तक नलों में पानी नहीं आता और कभी लीकेज से पानी बर्बाद होता है। विभागीय अधिकारियों को दफ्तर से निकलकर स्थलीय निरीक्षण भी करना चाहिए। – उमा जोशी, स्थानीय निवासी
सड़क पर पानी जमा होने से आने-जाने में कपड़े खराब होते हैं। सड़क पर पानी जमा होने से संक्रमित बीमारियों के फैलने का खतरा भी बना हुआ है। शिकायत के बाद भी विभागीय अधिकारी समाधान नहीं करते। – शोभा गुणवंत, स्थानीय निवासी
लीकेज की समस्या का समाधान करने के प्रति जल संस्थान के अधिकारी बिल्कुल भी संजीदा नहीं हैं। जगह-जगह पानी इकट्ठा होने से सड़क भी खराब हो रही है। सड़क में बहने के बजाय पानी नलों में आता तो लोगों को राहत मिलती। – मुन्नी गोस्वामी, स्थानीय निवासी
एक महीने से कॉलोनी की मुख्य सड़क पर लीकेज हो रहा है। कई बार जल संस्थान के अधिकारियों को अवगत करा दिया है, लेकिन हर बार टालमटोली की जाती है। विभागीय अधिकारियों को दफ्तर की कुर्सी छोड़कर स्थलीय निरीक्षण करना चाहिए। – डीसी गुणवंत, सामाजिक कार्यकर्ता
चंबल पुल क्षेत्र में लीकेज की जानकारी नहीं है। अगर ऐसी कोई बात है तो लोगों को अखबार के बजाय संबंधित जेई बताना चाहिए। अगर शिकायत मिलेगी तो समाधान किया जाएगा। – संजय कुमार श्रीवास्तव, अधिशासी अभियंता, जल संस्थान
