लखनऊ: नियमों की अनदेखी से बढ़ रहा अपराध का ग्राफ

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

लखनऊ। अपराध के बढ़ते ग्राफ को कम करने की जिम्मेदार अकेले पुलिस पर नहीं होती, जनमानस की सहभागिता भी जरूरी होती है। इसीलिए न्यायालय व पुलिस की ओर से कई अनिवार्य नियम बनाए गए हैं। पर इन नियमों की अनदेखी के कारण सिर्फ राजधानी लखनऊ ही नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश में अपराध का ग्राफ काफी …

लखनऊ। अपराध के बढ़ते ग्राफ को कम करने की जिम्मेदार अकेले पुलिस पर नहीं होती, जनमानस की सहभागिता भी जरूरी होती है। इसीलिए न्यायालय व पुलिस की ओर से कई अनिवार्य नियम बनाए गए हैं। पर इन नियमों की अनदेखी के कारण सिर्फ राजधानी लखनऊ ही नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश में अपराध का ग्राफ काफी तेजी से बढ़ रहा है। जी हां सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार किरायेदार रखने से पूर्व उसकी पृष्ठभूमि जांच के साथ-साथ पुलिस सत्यापन कराना भी अनिवार्य है। पर अधिकांश लोग किरायेदार रखने से पूर्व पुलिस सत्यापन नहीं कराते। अपराधी भी इसका जमकर फायदा उठाते हैं और बेखौफ अपराध को अंजाम देकर निकल जाते हैं।

फर्जी जानकारी देकर किरायेदार बनकर रहते हैं अपराधी

पुलिस सत्यापन न कराये जाने के कारण पेशेवर अपराधी भी गलत जानकारियां व प्रमाणपत्र देकर किरायेदार बनकर रहने लगते हैं। हाल ही में बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी के गुर्गे ठेकेदार महेंद्र जायसवाल के हत्याकांड में घटना स्थल पर पुलिस को उसके दो अलग-अलग पते के आधार कार्ड मिले। दोनों ही पता पर पुलिस वेरीफिकेशन नहीं कराया गया था। जबकि वह पेशेवर अपराधी था और उसके खिलाफ कई मामले दर्ज थे।

सजग रहें, वरना मुसीबत में फंस जाएंगे

मॉडल टेनेंट एक्ट, 2019 के तहत किरायेदार का पुलिस सत्यापन कराना अनिवार्य है। सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के अनुसार अगर सत्यापन नहीं कराया गया है और किरायेदार कोई अपराध को अंजाम देता है तो उसके मकान मालिक के खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है, क्योंकि इसे भी अपराधी को संरक्षण देना माना जाएगा।

राजधानी वासियों को जागरूक करेगी पुलिस : संयुक्त पुलिस आयुक्त, लखनऊ

राजधानी लखनऊ के संयुक्त पुलिस आयुक्त (ज्वाइंट कमिश्नर) पीयूष मोर्डिया ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने अनिवार्यता किरायेदार का पुलिस सत्यापन कराने संबंधी आदेश दिया है। लखनऊ पुलिस की ओर से किरायेदार सत्यापन कराया भी जाता है, पर अक्सर लोग इसकी जरूरत को नजरअंदाज कर देते हैं। निश्चित रूप से अगर सभी अनिवार्य रूप किरायेदार सत्यापन कराएं तो अपराध में कमी आएगी। किरायेदार सत्यापन को लेकर लखनऊ पुलिस लोगों को जागरूक करने का काम करेगी।

यह भी पढ़ें:-हल्द्वानी: बरेली रोड पर वाहन स्वामियों से किया सांकेतिक जाम, अब मुख्यमंत्री से मिलने देहरादून जाएंगे

संबंधित समाचार