यूपी विधानसभा चुनाव: काशी में ब्राह्मण भरेंगे हुंकार, चाबी होगी उनकी चाहे जो बने सरकार
वाराणसी। उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव से पहले देश की सांस्कृतिक राजधानी के तौर पर विश्व विख्यात वाराणसी में 16 दिसंबर यानी गुरुवार को ब्राह्मण महासम्मेलन के जरिये एकजुटता का प्रदर्शन करने के साथ साथ सियासत में अपने दखल का अहसास करायेंगे। रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर में ब्राह्मणों के इस महासम्मेलन में 1200 ब्राह्मण इकट्ठा हो …
वाराणसी। उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव से पहले देश की सांस्कृतिक राजधानी के तौर पर विश्व विख्यात वाराणसी में 16 दिसंबर यानी गुरुवार को ब्राह्मण महासम्मेलन के जरिये एकजुटता का प्रदर्शन करने के साथ साथ सियासत में अपने दखल का अहसास करायेंगे। रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर में ब्राह्मणों के इस महासम्मेलन में 1200 ब्राह्मण इकट्ठा हो रहे हैं जो सबसे पहले लोकहित सप्त समिति तय करेंगे। इस समिति में 50 ब्राह्मण होंगे।
यहीं समिति समाज की दशा और दिशा पर विचार करेगी और ब्रह्मादेश को कार्यान्वित कराएगी। इसके लिए समिति परस्पर परामर्श से ब्राह्मण समाज के सारथी का चयन करेगी। इस लोकहित सप्त समिति में गायत्री, भारती, उसनिक, जगति, तृष्टप, अनुष्टप और पंक्ति शामिल हैं।
ओम श्री ट्रस्ट के ट्रस्टी अरूण कुमार दुबे ने बुधवार को कहा कि ब्राह्मणों में यह भाव जगा है कि अब तक केवल उनका उपयोग सरकार बनाने के लिए किया जाता रहा है। मंशा पूरी हो जाने के बाद सर्व समाज को प्रताड़ित करने का काम सरकारें करती रही हैं। ब्राह्मण समाज अब इस पर अंकुश लगाएगा।
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यह काम ब्रह्मादेश के जरिए होगा, जो सारथी जारी किया करेंगे। मकसद यह है कि सरकार की मति कुमति ना हो। समाज का मानना है कि ब्राह्मण सदैव दूसरे को देने में विश्वास रखते हैं, मगर किसी का छीन कर नहीं। ब्रह्म विधान इसका सबूत है। ब्रह्मविधान हर व्यक्ति के लिए समानता, पानी, ऊर्जा, स्वास्थ्य और दवा तक पहुंच, सुरक्षा व सामाजिक सुरक्षा, न्याय, मुफ्त शिक्षा, ज्ञान, भोजन, किसानी, दक्षता, रोजगार, उद्यमिता, नेतृत्व और सेवा, विकास के अवसर और बाकी चीजें सुनिश्चित करता है।
