बरेली: पुल की कोई आवश्यकता नहीं, ट्रैफिक पुलिस की कमी बनी दिक्कत
बरेली, अमृत विचार। कुतुबखाना पुल निर्माण के विरोध में उतरे व्यापारी संगठनों ने बुधवार को सरकार और प्रशासन के रवैये की निंदा की। उन्होंने कहा कि यदि बरेली के जनप्रतिनिधि चाहें तो इस समस्या का समाधान आसानी से निकल सकता लेकिन इसको लेकर वह कतई गंभीर नहीं है। आगामी चुनाव में अपने समाज के जनप्रतिनिधि …
बरेली, अमृत विचार। कुतुबखाना पुल निर्माण के विरोध में उतरे व्यापारी संगठनों ने बुधवार को सरकार और प्रशासन के रवैये की निंदा की। उन्होंने कहा कि यदि बरेली के जनप्रतिनिधि चाहें तो इस समस्या का समाधान आसानी से निकल सकता लेकिन इसको लेकर वह कतई गंभीर नहीं है। आगामी चुनाव में अपने समाज के जनप्रतिनिधि को चुनाव में खड़ाकर वोट देने की बात कही।
कुतुबखाना स्थित घंटाघर चौराहा के पास आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए दलजीत सिंह ने कहा यहां पुल की कोई आवश्यकता नहीं। अंडरपास बनकर भी काम चल सकता है। ट्रैफिक पुलिस की कमी की वजह से दिक्कतें हो रहीं हैं। श्यामगंज पुल बनने के बाद से अव्यवस्थाएं आज भी वैसी ही हैं जैसी पहले थीं। राजेंद्र प्रसाद घिल्डियाल ने कहा व्यापारी आंदोलन और कर्मचारी आंदोलन के लिए अलग-अलग बाजारों में बैठक चल रहीं हैं। पुल के विरोध में जल्द आंदोलन होगा। समाजसेवी नदीम शम्सी ने कहा जमीन के अंदर मेट्रो चलाएं, अंडर पास बनाएं, शहर के मेन बाजार को सुंदर बनाएं, कैमरे लग चुके हैं।
अव्यवस्थाएं कैमरे में कैद हो जाएंगी। इसलिए अधिकारियों को चाहिए कि ट्रैफिक पुलिस सख्ती करें। व्यापारी नेता संजय आनंद ने कहा दिनांक 22 दिसंबर को पुल के विरोध में कुमार टॉकीज के पास एक दिवसीय सांकेतिक अनशन किया जाएगा। यह कदम जनता को अव्यवस्थाओं से मुक्ति दिलाने के लिए कदम उठाया जा रहा है। उन्होंने पुल का प्रस्ताव निरस्त नहीं होने पर व्यापारियों के वोटों से जीत और हार का फैसला होने की बात कही। लोकेश कारला, अमित खानेजा, दीपक अग्रवाल, मोहित अग्रवाल, भूपेंद्र सिंह, गगन, मोहनलाल आदि मौजूद रहे।
