इंटरवेंशनल रेडियोलॉजी से बिना चीर-फाड़ के ऑपरेशन में मिली मदद
लखनऊ। रेडियो डायग्नोसिस विभाग ने अपना 35वां स्थापना दिवस गुरुवार को हाइब्रिड मोड में मनाया, जिसमें देश-दुनिया से विभाग के पूर्व छात्र शामिल हुए। कार्यक्रम में शामिल हुए मेदांता अस्पताल के डॉ. रोहित अग्रवाल ने बताया कि कैसे इंटरवेशनल रेडियोलॉजी ने कई स्थितियों के प्रबंधन में एक आदर्श परिवर्तन किया है, जिसमें पहले सर्जरी की …
लखनऊ। रेडियो डायग्नोसिस विभाग ने अपना 35वां स्थापना दिवस गुरुवार को हाइब्रिड मोड में मनाया, जिसमें देश-दुनिया से विभाग के पूर्व छात्र शामिल हुए। कार्यक्रम में शामिल हुए मेदांता अस्पताल के डॉ. रोहित अग्रवाल ने बताया कि कैसे इंटरवेशनल रेडियोलॉजी ने कई स्थितियों के प्रबंधन में एक आदर्श परिवर्तन किया है, जिसमें पहले सर्जरी की आवश्यकता होती थी, लेकिन अब इसे इंटरवेंशनल रेडियोलॉजी के एक बहुत ही नए क्षेत्र के साथ डे केयर के आधार पर प्रबंधित किया जा सकता है।
उन्होंने दिमाग की नसों के गुब्बारे, फालिज या स्ट्रोक में नसों के बंद होने पर, छाती या पेट में रक्त स्राव के या पैरो की खून की नालियों में अवरोध का इंटरवेशनल रेडियोलोजी द्वारा बिना चीर फाड़ के ठीक करने की विधि के बारे में बताया I विभागाध्यक्ष प्रो. नीरा कोहली ने बताया कि पिछले 1 साल में विभाग ने कोविड के बावजूद पिछले 5 वर्षों की मेहनत व प्रयास से मानव संसाधन और बुनियादी ढांचे के निर्माण में काफी प्रगति की है। एम.डी. की सीटें 4 से बढ़कर 9 हो गईं और यूपी में सरकारी क्षेत्र में विभाग सबसे ज्यादा MD सीट की संख्या वाला हो गया है । इस साल फैकल्टी की संख्या में भी बढ़ोत्तरी हुई और 8 से बढ़कर 12 हो गई।
विभाग ने मौजूदा 64 स्लाइस सीटी स्कैन के अलावा अत्याधुनिक 128 स्लाइस सीटी स्कैन का संचालन प्रारम्भ किया है I इससे कई जटिल बीमारियों के निदान में और हृदय रोगों के निदान में मदद मिलेगी I विभाग ने चौबीसों घंटे बेड साइड एक्स रे और इंटरवेंशनल प्रक्रियाओं के साथ कोविड के दौरान अनुकरणीय सेवाएं प्रदान कीं, जिनकी कुलपति लेफ्टिनेंट जनरल डॉ. बिपिन पुरी ने अपने संबोधन में प्रशंसा की।
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