रायबरेली: टैंक सफाई का खत्म होगा झंझट, सीवर लाइन की मिलेगी सुविधा

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

रायबरेली। शहर में सीवर लाइन का इंतजार सालों से किया जा रहा था। अब नए साल में यह सुविधा शहर के लोगों को मिल जाएगी। इससे सेप्टिक टैंक साफ कराने का झंझट खत्म हो जाएगा। असल में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट तैयार हो गया है। सीवर लाइन भी लगभग पूरी हो चुकी है। 2016 में अमृत …

रायबरेली। शहर में सीवर लाइन का इंतजार सालों से किया जा रहा था। अब नए साल में यह सुविधा शहर के लोगों को मिल जाएगी। इससे सेप्टिक टैंक साफ कराने का झंझट खत्म हो जाएगा।

असल में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट तैयार हो गया है। सीवर लाइन भी लगभग पूरी हो चुकी है। 2016 में अमृत योजना शुरू की गई थी। नगरपालिका की ओर से इस योजना के तहत सीवर लाइन का प्रोजेक्ट बनाकर शासन को भेजा गया था। वित्त विभाग से 499.34 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिल गई थी। इसमें 34 वार्ड के करीब 90 मुहल्लों को शामिल किया गया। इसके बाद प्रोजेक्ट को रिवाइज कराया गया। नए सिरे से फेज तीन के लिए करीब 99 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई। वर्तमान में कार्य समाप्ति की ओर है।

पढ़ें- बहराइच: 11 पोलिंग पार्टियां निपटाएंगी तीन पंचायतों के उपचुनाव

आंकड़ों पर नजर

1.95 लाख – कुल जनसंख्या

48 हजार – कुल मकान

18 एमएलडी – सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट

90 करोड़ – तीसरे फेज का बजट

90 करोड़ – तीसरे फेज का बजट

90 मीटर – सीवर लाइन पड़नी शेष

50 प्रतिशत – घरों में कनेक्शन पूरा

900 घर – नई सीवर लाइन से जुड़े

दूषित जल का होगा शोधन

सीवर के दूषित जल का एसटीपी से  शोधन हो सकेगा। साथ ही इसका दोबारा उपयोग किया जा सकेगा। जल निगम के जेई पवन त्रिवेदी ने बताया कि इसके माध्यम से दूषित पानी को दोबारा प्रयोग में लाने लायक बनाया जाता है। इससे निकलने वाली गंदगी का इस प्रकार शोधन किया जाता है।

जल निगम नगरीय के अधिशासी अभियंता पीयूष मौर्य ने कहा कि अमृत योजना से सीवर का कार्य तेजी से चल रहा है। नए साल में इसकी सुविधा नगरवासियों को मिलने लगेगी। फर्म के जिम्मेदारों को घरों में सीवर कनेक्शन कार्य समय से पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।

संबंधित समाचार