मुरादाबाद : सूखे तालाबों का सौंदर्यीकरण करेगी जिला पंचायत, ग्राम पंचायतों से मांगी सूची
विनोद श्रीवास्तव, अमृत विचार। पेयजल संकट दूर करने को जिला पंचायत ने पहल की है। जिले की ग्राम पंचायतों में सूखे व उपेक्षित तालाबों को गोद लेकर जिला पंचायत सौंदर्यीकरण कराएगी। इससे गर्मी के दिनों में पानी के संकट से निजात मिलेगी। साथ ही बारिश का पानी भी संचित किया जा सकेगा। जिले में लगातार …
विनोद श्रीवास्तव, अमृत विचार। पेयजल संकट दूर करने को जिला पंचायत ने पहल की है। जिले की ग्राम पंचायतों में सूखे व उपेक्षित तालाबों को गोद लेकर जिला पंचायत सौंदर्यीकरण कराएगी। इससे गर्मी के दिनों में पानी के संकट से निजात मिलेगी। साथ ही बारिश का पानी भी संचित किया जा सकेगा।
जिले में लगातार गहरा रहे पानी के संकट को दूर करने के लिए अब जिला पंचायत ने कदम बढ़ाया है। उपेक्षित और सूखे तालाबों की सूची ग्राम व क्षेत्र पंचायत से मांगी है। इन तालाबों में वर्षा जल संचयन (रेन वाटर हार्वेस्टिंग) के उपाय जिला पंचायत करेगी। सूबे के पंचायती राज मंत्री भूपेंद्र सिंह चौधरी के गृह जनपद में इस पहल से गर्मी के दिनों में पानी का संकट ग्राम पंचायतों में नहीं रहेगा। इससे मवेशियों की भी प्यास बुझ सकेगी।
तालाबों में वर्षा जल संचयन के साथ इनका सौंदर्यीकरण भी कराया जाएगा। पर्यावरण संरक्षण के लिए तालाबों के किनारे की खाली जमीन पर पौधे रोपे जाएंगे। इसके लिए जिले के सभी आठ विकास खंडों में ऐसे तालाबों का चयन करने के लिए सूची मांगी गई है।
15वें वित्त आयोग की धनराशि से कराया जाएगा काम
पंचायतों के सशक्तिकरण के लिए पंचायती राज अधिनियम में 15वें वित्त आयोग की धनराशि में से 30 फीसदी धनराशि वर्षा जल संचयन, पेयजल प्रबंध, प्रकाश व्यवस्था आदि पर खर्च होनी है। इसका उपयोग जनहित में करने के लिए सरकार ने निर्देश दिया है। पंचायती राज मंत्री के गृह जिले में जिला पंचायत के अधिकारी इस मुहिम को शत प्रतिशत साकार करने में जुट गए हैं।
जिला पंचायत अपर मुख्य अधिकारी शिशुपाल शर्मा ने बताया कि पंचायतों के सशक्तिकरण के लिए प्रदेश सरकार तत्पर है। जिले की ग्राम पंचायतों में तालाबों का सुंदरीकरण कराकर उसमें बरसात के पानी को संचित किया जाएगा। जिला पंचायत अध्यक्ष के दिशा-निर्देशन में कार्य कराए जाएंगे। जिला पंचायत कार्ययोजना तैयार कर रही है।
