मुरादाबाद : गंदा और बदबूदार पानी पीने को मजबूर हो रहे शहरवासी, 15 शिकायतें रोज हो रहीं दर्ज
मुरादाबाद, अमृत विचार। पेयजल व्यवस्था को मुकम्मल करने के लिए महानगर में बिछाई गई पाइप लाइन अब आफत बनने लगी है। वक्त के साथ जर्जर हो चुकी पाइप लाइन के कारण घरों में गंदा पानी जा रहा है। आए दिन चटकने वाली लाइनों की मरम्मत तो करा दी जाती है लेकिन इसके बाद भी घरों …
मुरादाबाद, अमृत विचार। पेयजल व्यवस्था को मुकम्मल करने के लिए महानगर में बिछाई गई पाइप लाइन अब आफत बनने लगी है। वक्त के साथ जर्जर हो चुकी पाइप लाइन के कारण घरों में गंदा पानी जा रहा है। आए दिन चटकने वाली लाइनों की मरम्मत तो करा दी जाती है लेकिन इसके बाद भी घरों में बदबूदार व गंदे पानी की सप्लाई होने से लोग परेशान हैं।
नगर निगम के रिकार्ड की बात करें तो नियमित पाइप लाइन टूटने की 12 से 15 शिकायतें कंट्रोल रूम में दर्ज हो रही हैं। गुरुवार को भी आशियाना सागर सराय व चंद्र नगर समेत कई मोहल्लों में गंदा पानी आने की शिकायतें कंट्रोल रूम में दर्ज कराई गईं। संबंधित मोहल्लों में जाकर पड़ताल की गई तो मटमैला और बदबूदार पानी नलों से आ रहा था।
महानगर में करीब डेढ़ लाख पानी के कनेक्शन हैं। इन घरों में पालिका की टंकियों से सुबह-शाम पानी की सप्लाई की जाती है। यह व्यवस्था मुकम्मल करने के लिए पूरे महानगर में पाइपलाइन का जाल बिछाया गया है। समय-समय पर इन पाइप लाइनों की मरम्मत भी होती रहती है।
20 साल पुरानी हैं पाइपलाइन
शहर के अंदरुनी हिस्सों में करीब 15 से 20 साल पुरानी पाइपलाइन बिछी हुई हैं। वक्त के साथ जर्जर हो चुकी पाइपलाइन अब चटकने लगी हैं। जिससे परेशानी हो रही है।
लोगों ने की समस्या के समाधान की मांग
अक्सर पाइपलाइन चटकने के कारण गंदा पानी आने लगता है। शिकायत करने के बाद मरम्मत तो कर दी जाती है लेकिन कई बार देरी हो जाती है। समस्या का स्थाई समाधान कराया जाए। -अनीता भटनागर, चंद्र नगर
नियमित शिकायत आने पर उनका निस्तारण करा दिया जाता है। 10 से 15 शिकायतें रोजाना आ रही हैं। गुरुवार को आई शिकायतों का निस्तारण कर दिया गया है।-अशोक कुमार, जेई जलकल विभाग
कुछ दिनों पहले भी पाइपलाइन टूट गई थी। शिकायत करने पर मालूम हुआ कि सड़क की खोदाई के दौरान लाइन चटक गई है। अगर नई पाइप लाइन पड़ जाए तो राहत मिल जाएगी। -शीतल, चंद्रनगर
प्लॉट वालों से वसूली, कूड़ा उठाने से परहेज
मुरादाबाद। नगर निगम के जिम्मेदारों की लापरवाह कार्यशैली का खामियाजा यहां के वाशिंदों को भुगतना पड़ रहा है। खाली प्लाट पर कूड़ा डालने पर दूसरों से तो जुर्माना वसूला जाता है, लेकिन खुद कूड़ा उठाने में परहेज कर रहे हैं। खाली सरकारी जमीन पर अवैध तरीके से बन चुके डंपिंग ग्राउंड पर निगम के अधिकारी चुप्पी साधे हैं। छुट्टा पशु कूड़ा खींचकर सड़क तक बिखेर रहे हैं। जिससे राहगीरों को गंदगी और बदबू झेलनी पड़ रही है। महानगर की जिगर व काशीराम कालोनी में कई अवैध डंपिंग ग्राउंड बन गए हैं। तमाम प्रयास के बाद भी महानगर की सफाई व्यवस्था पटरी पर नहीं आ पा रही है। कागजों में तो कूड़ा उठान के लिए डोर टू डोर कलेक्शन के साथ ही प्रमुख मार्ग, कालोनी व मोहल्लों में डस्टबिन भी रखे गए हैं, इसके बाद भी जहां-तहां कूड़ा पसरा रहता है।
नगर आयुक्त संजय चौहान ने कहा कि शत-प्रतिशत कूड़ा उठवाने के हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। हो सकता है कि कहीं पर सफाई कर्मी कई दिन बाद जाता हो, लेकिन शिकायत आने पर त्वरित निस्तारण किया जा रहा है।
दूसरों के सिर फोड़ रहे हैं अपनी गलती का ठीकरा
एक तरफ महानगर की कालोनियों में अवैध डंपिंग ग्राउंड बनते जा रहे हैं लेकिन निगम अधिकारी अपनी गलती मानने को तैयार नहीं हैं। हिमगिरी, हड्डी कालोनी, शराफत नगर, कांठ रोड, नवीन नगर, जिगर कालोनी और काशीराम समेत तमाम ऐसी कालोनियों के नागरिक अवैध डंपिंग ग्राउंड बनने से परेशान हैं। कई बार शिकायत करने के बाद भी जब काशीराम कालोनी में कूड़ा नहीं उठा तो नाराज कालोनी वासियों ने पिछले दिनों उसमें आग लगा दिया। बढ़ रहे एक्यूआई के बीच जब इसकी शिकायत प्रदूषण नियंत्रण विभाग से हुई तो मोहल्लों वालों ने बदबू के कारण आग लगाने की बात स्वीकारी। निगम अधिकारियों के तर्क की बात करें तो उनका कहना है कि निगम के रिकार्ड में करीब चार सौ से अधिक प्लाट हैं। कई बार नोटिस देने के बाद भी प्लाट स्वामी वहां पर चारदीवारी नहीं करवा रहे हैं। जिससे प्लाटों में अवैध तरीके से डंपिंग ग्राउंड बना लिए हैं। इसलिए प्लाट मालिकों से जुर्माना वसूल रहे हैं।
