मुरादाबाद: पति-पत्नी के झगड़े में पुलिस ने युवक को लिया हिरासत में, मृतक के पिता बोले- बेटे को पीट-पीटकर मार डाला, लोगों ने किया हाइवे जाम

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मुरादाबाद, अमृत विचार। युवक की मौत के बाद आक्रोशित परिजनों के तेवर कांठ रोड पर सफर करने वाले यात्रियों पर भारी पड़ गए। पीआरवी पर तैनात पुलिसकर्मियों के फरार होने से नाराज परिजनों ने शव कांठ रोड पर रखकर दोपहर लगभग पौने बारह बजे जाम लगा दिया। कुछ देर में दोनों तरफ वाहनों की कतार …

मुरादाबाद, अमृत विचार। युवक की मौत के बाद आक्रोशित परिजनों के तेवर कांठ रोड पर सफर करने वाले यात्रियों पर भारी पड़ गए। पीआरवी पर तैनात पुलिसकर्मियों के फरार होने से नाराज परिजनों ने शव कांठ रोड पर रखकर दोपहर लगभग पौने बारह बजे जाम लगा दिया। कुछ देर में दोनों तरफ वाहनों की कतार लग गई।

सूचना पर भारी फोर्स के मौके पर पहुंची और अधिकारियों ने परिजनों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन बात नहीं बनी। तीखी नोकझोंक के बीच कांठ रोड पर जाम ने विकराल रूप लिया तो आनन-फानन में रूट डायवर्ट कर दिया गया। आशियाना के अंदर से वाहनों को गुजारकर ट्रैफिक कंट्रोल करने का प्रयास किया गया। करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद परिजनों को समझाकर पुलिस ने जाम खुलवाया तो यात्रियों ने राहत की सांस ली।

हरिद्वार और बिजनौर की ओर जाने वाले वाहनों के लिए एक मात्र रास्ता कांठ रोड है। जिस कारण इस मार्ग पर हर वक्त यातायात बना रहता है। ऐसे में अगर महानगर में कोई बड़ा कार्यक्रम या फिर परीक्षा होती है तो इस मार्ग का यातायात कंट्रोल करने पर पुलिस के पसीने छूट जाते हैं। ऐसे में शुक्रवार को जब भूपेंद्र के परिजनों ने शव रखकर कांठ रोड पर जाम लगाया तो यात्री बेहाल नजर आए। जाम ना खुलता देख कई यात्री बस या ऑटो काे छोड़कर पैदल ही चल दिए।

पुलिसकर्मियों के फरार होने के बाद लगाया जाम
पीआरवी की गाड़ी में परिजनों ने जब भूपेंद्र को अचेत हालत में देखा तो पुलिस के साथ विवेकानंद अस्पताल पहुंचे। यहां पर डाक्टरों ने जब भूपेंद्र को मृत घोषित कर दिया तो परिजन हंगामा करने लगे। माहौल बिगड़ता देख दोनों पुलिसकर्मी खामोशी से गाड़ी लेकर फरार हो गए। परिजनों ने जब पुलिसकर्मियों को गायब देखा तो उनका पारा चढ़ गया। वह स्ट्रेचर में रखे शव को लेकर कांठ रोड पर आ गए। इस दौरान उन्होंने बिजनौर से मुरादाबाद की ओर जाने वाले मार्ग पर शव रखकर जाम लगा दिया। जिस कारण एक तरफ का रूट पूरी तरह से बंद हो गया। कुछ वाहन चालकों ने निकलने की कोशिश की तो परिजनों की तीखी नोकझोंक भी हो गई। दोनों तरफ वाहनों की कतार बढ़ने पर पुलिस ने मुरादाबाद की ओर से आने वाले वाहनों को हरथला व बिजनौर की ओर से आने वाले वाहनों को कॉसमास के पास से डायवर्ट कर दिया। हालांकि रूट डायवर्जन के बाद भी जाम से राहत नहीं मिल सकी। इधर रह-रहकर पुलिस अधिकारियों से हो रही नोकझोंक और नारेबाजी के कारण जाम में फंसे यात्री भी किसी बवाल की आशंका से सहमे नजर आए। आखिरकार एसपी देहात विद्या सागर मिश्रा ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर मुकदमा करने और जांच कराकर दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई का आश्वासन देकर परिजनों को शांत कराया।

आए दिन पत्नी के साथ करता था मारपीट
मुरादाबाद। भूपेंद्र की शादी करीब तीन साल पहले रामपुर जिले के मिलक कोतवाली क्षेत्र के ग्राम गंगापुर निवासी साधना के साथ हुई थी। उसका डेढ़ साल का बेटा भी है। पुलिस से भूपेंद्र की शिकायत साधना के भाई प्रदीप ने की थी। प्रदीप का कहना था कि भूपेंद्र और ससुराली आए दिन साधना के साथ मारपीट करते थे। कई बार इस संबंध में पंचायत भी हो चुकी थी लेकिन उनका उत्पीड़न बंद नहीं हुआ। शुक्रवार की सुबह फिर करीब आठ बजे साधना ने फोन करके मारपीट करने की जानकारी दी। बहन की सुरक्षा के लिए उसने फोन करके पुलिस से शिकायत कर दी। हालांकि प्रदीप का कहना था कि उसे नहीं मालूम था कि बात यहां तक पहुंच जाएगी और उसकी बहन का सुहाग उजड़ जाएगा।

रिपोर्ट दर्ज होने से पहले कई बार बदली गई तहरीर
मुरादाबाद। भूपेंद्र की मौत के बाद रिपोर्ट दर्ज करने में कई घंटे तक खेल चला। इतना ही नहीं कई बार पुलिस कर्मियों ने तहरीर में बदलाव कराया। दरअसल भूपेंद्र के परिजन सीधे तौर पर पीआरवी में तैनात पुलिस कर्मियों पर हत्या का आरोप लगा रहे थे। उनका कहना था कि पुलिस कर्मियों की पिटाई के बाद भूपेंद्र की हालत बिगड़ी और उसने पुलिस की गाड़ी में दम तोड़ दिया। कांठ रोड पर शव रखकर हंगामा करने के दौरान परिजन पुलिस कर्मियों पर रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की मांग कर रहे थे। हालांकि पुलिस ने उचित कार्रवाई का आश्वासन देकर परिजनों को शांत कराया था। बताते हैं कि इसके बाद रिपोर्ट दर्ज कराने को लेकर काफी देर तक खेल चला। पुलिस कर्मी पहले पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर रिपोर्ट दर्ज करने की बात कह रहे थे। बाद में उसमे भी मौत की वजह स्पष्ट न होने के कारण पेंच फंस गया। बताते हैं कि पहले परिजन पुलिस वालों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने के लिए तहरीर दी। कई बार तहरीर बदलने के बाद देर रात मृतक के भाई कृपाल पांडे उर्फ सोनू ने भूपेंद्र की पत्नी साधना और दोनों साले विनोद और प्रदीप के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज करा दी।

मौत की वजह स्पष्ट नहीं, बिसरा सुरक्षित
मुरादाबाद। रिपोर्ट के इंतजार में पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रहे पुलिस कर्मी फिर पशोपेश में पड़ गए। जिसकी वजह रही कि रिपोर्ट में मौत की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है। काफी हंगामे के बाद पुलिस ने किसी तरह से भूपेंद्र के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। आश्वासन दिया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट व तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज की जाएगी। मामला गंभीर होने के कारण दो डाक्टरों के पैनल ने पोस्टमार्टम किया। इस दौरान वीडियोग्राफी भी कराई गई। देर शाम आई रिपोर्ट में मौत की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी। लिहाजा बिसरा सुरक्षित रख लिया गया है।

जहरीला इंजेक्शन लगाने की बात आ रही सामने
मुरादाबाद। पुलिस हिरासत में संदिग्ध परिस्थितियों में भूपेन्द्र की मौत के बाद कई तरह की चर्चाएं हो रही हैं। परिजन जहां पीआरवी में तैनात पुलिस कर्मियों पर पीट-पीटकर मारने का आरोप लगा रहे हैं तो वहीं भूपेंद्र द्वारा खुद जहरीला इंजेक्शन लगाने की भी बात सामने आ रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह स्पष्ट न होने के कारण इस चर्चा को बल मिल रहा है। खुलकर तो नहीं लेकिन परिजनों द्वारा जब हंगामा कांठ रोड पर हंगामा किया जा रहा था तो कुछ पुलिस कर्मियों ने भूपेन्द्र द्वारा जहरीला इंजेक्शन लगाने की बात कही। चूंकि वह विवेकानंद अस्पताल में नर्सिंग सुपरवाइजर के पद पर था, लिहाजा उसे इस तरह के इंजेक्शन के संबंध में जानकारी थी। वहीं गांव तो चर्चा यहां तक है कि पुलिस ने जब भूपेंद्र के डंडे मारे तो वह मौका पाकर फरार हो गया। पुलिस जब उसके छोटे भाई सोनू को अपने साथ ले जाने लगी तो भूपेंद्र मौके पर आ गया। पुलिस की गाड़ी में बैठने से पहले उसने खुद सबके सामने जहरीला इंजेक्शन लगाने की बात कही थी। चर्चा तो यहां तक है कि वह कुछ दिनों से इंजेक्शन अपने पास रखे था। हालांकि परिजनों का कहना है कि डंडे मारने के बाद पुलिस ने उसे जीप में बैठा लिया था। हिरासत में लेने के कुछ देर बाद ही उसकी हालत खराब हो गई।

 

 

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