शिक्षामित्रों के लिए खुशखबरी, मानदेय बढ़ाने की तैयारी में योगी सरकार
लखनऊ। विधानमंडल के शीतकालीन व अंतिम सत्र में विधानसभा चुनाव के पूर्व प्रदेश के लोगों को 24 घंटे बिजली देने व असंगठित मजदूरों को पांच सौ रुपये भत्ता देने समेत अन्य लोक-लुभावन घोषणा के बाद अब राज्य सरकार शिक्षा मित्रों का मानदेय बढ़ाने जा रही है। विधानसभा में बजट चर्चा के दौरान संसदीय कार्यमंत्री सुरेश …
लखनऊ। विधानमंडल के शीतकालीन व अंतिम सत्र में विधानसभा चुनाव के पूर्व प्रदेश के लोगों को 24 घंटे बिजली देने व असंगठित मजदूरों को पांच सौ रुपये भत्ता देने समेत अन्य लोक-लुभावन घोषणा के बाद अब राज्य सरकार शिक्षा मित्रों का मानदेय बढ़ाने जा रही है। विधानसभा में बजट चर्चा के दौरान संसदीय कार्यमंत्री सुरेश खन्ना ने इसके संकेत दिये। इस बीच, दोनों सदनों विधानसभा व विधान परिषद में शुक्रवार को वित्तीय वर्ष 2021-2022 के लिए 8479.53 करोड़ का अनूपूरक बजट, नये वित्तीय वर्ष 2022-23 के लिए 5,45,370.69 करोड़ रुपये का अंतरिम बजट व चार महीने के लिए 1,68,903.24 करोड़ रुपये का लेखानुदान पारित हो गया।
बजट चर्चा पर विपक्ष के सवालों का जवाब देते हुए संसदीय कार्य मंत्री ने कहा कि प्रदेश में बेरोजगारी की दर घटकर 4-8 प्रतिशत हो गयी है, जबकि पूर्व की सरकारों में बेरोजगारी की दर ज्यादा थी। टीईटी परीक्षा लीक प्रकरण में 33 लोगों को गिरफतार कर जेल भेजा गया है, निष्पक्ष रूप से परीक्षा कराने की प्रक्रिया दोबारा शुरू हुई है। उन्होंने कहा कि अब हम शिक्षा मित्रों का मानदेय भी बढ़ाने जा रहे हैं।
बता दें कि शिक्षामित्रों के मानदेय में 1500 रुपए की बढ़ोतरी का प्रस्ताव नवंबर में बेसिक शिक्षा विभाग ने शासन भेज रखा है। पूर्व में बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री डॉ सतीश चन्द्र द्विवेदी शिक्षामित्र संगठनों के साथ हुई वार्ता में मानदेय बढ़ाने का आश्वासन दे चुके हैं। अभी शिक्षामित्रों का मानदेय 10 हजार रुपये है। शिक्षा मित्रों का मानदेय 1500 रुपए बढ़ाने पर सरकार पर 22.16 करोड़ रुपए का अतिरिक्त बोझ प्रतिमाह आने का अनुमान है।
उधर, अन्य मुद्दों का जवाब देते हुए संसदीय कार्य मंत्री ने कहा कि कोराना काल में प्रदेश में हुई मौतों पर विपक्ष मुद्दा बना रहा है, जबकि देश के अन्य राज्यों की तुलना में यहां मौतें कम हुई हैं, प्रदेश की कोरोना प्रबंधन को विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी सराहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अपराध भी पूर्ववर्ती सरकार की तुलना में कम घटित हुए हैं। यही कारण है कि प्रदेश में तीन हजार करोड़ का निवेश हुआ है।
उन्होंने कहा कि डॉ भीमराव अंबेडकर के एक नाम एक दल विशेष केवल वोट लेने का काम कर रहा है, जबकि भाजपा ने उन्हें भारत रत्न देने का काम किया। कश्मीर समस्या का स्थायी समाधान किया। दोनों सदनों पर बजट पर चर्चा व विपक्ष के सवालों के जवाब देने के बाद सदन को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया।
पिछड़ों के मुद्दे पर गहनना से विचार
संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि पिछड़े वर्ग के आरक्षण को तीन भागों में बांटने संबंधी सामाजिक न्याय समिति की रिपोर्ट को लागू करने पर सरकार गहनना से विचार कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार पिछड़ों की हमदर्द है। इससे पूर्व इस मुद्दे पर सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के नेता ओम प्रकाश राजभर ने सरकार को घेरा। बजट चर्चा के दौरान ओम प्रकाश राजभर ने यह मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि सरकार ने सवर्ण समाज को 20 प्रतिशत आरक्षण देने में कोई देरी नहीं दिखाई, जबकि पिछड़ा वर्ग संबंधी सामाजिक न्याय समिति की रिपोर्ट लागू करने पर हीलाहवाली कर रही है। इस पर कांग्रेस के सदस्य पिछड़ा वर्ग विरोधी नारे लगाते हुए सदन का बहिर्गमन किया।
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