मुरादाबाद : नेपाल से चरस तस्करी में एक दोषी को 14 साल की कैद, चार लाख जुर्माना

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

मुरादाबाद, अमृत विचार। एक्सपोर्ट फर्म के जरिए नेपाल से चरस लाकर तस्करी करने के आरोप में कोर्ट ने एक व्यक्ति को दोषी माना है। सुनवाई के बाद कोर्ट ने उसे 14 साल सात माह की सजा सुनाई है। साथ ही चार लाख का अर्थदंड भी डाला है। मामला करीब 20 साल पहले पकड़ में आया …

मुरादाबाद, अमृत विचार। एक्सपोर्ट फर्म के जरिए नेपाल से चरस लाकर तस्करी करने के आरोप में कोर्ट ने एक व्यक्ति को दोषी माना है। सुनवाई के बाद कोर्ट ने उसे 14 साल सात माह की सजा सुनाई है। साथ ही चार लाख का अर्थदंड भी डाला है। मामला करीब 20 साल पहले पकड़ में आया था। इस अवैध धंधे का खुलासा सेंट्रल एक्साइज निरीक्षक ने किया था।

दरअसल कस्टम एंड सेंट्रल एक्साइज डिवीजन के निरीक्षक विशाल गुप्ता ने वर्ष 2001 में मुंबई के नवजीवन सोसाइटी निवासी अशोक रमडिक लाल भट्ट व उनके अन्य साथियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। विशाल गुप्ता का कहना था कि आरोपी एक्सपोर्ट का काम करते हैं। इस काम की आड़ में वह नेपाल से चरस लाकर यहां अपने गोदाम में रखते हैं। इसके बाद चरस की ऑन डिमांड डिलीवरी की जाती है। टीम ने गोदाम पर छापामार कर 2095 किलोग्राम चरस भी बरामद की थी।

इस मामले में अशोक रमडिक लाल भट्ट की फाइल अन्य आरोपियों से अलग चल रही है। काफी समय से इस मामले में अपर जिला सत्र एवं न्यायधीश षष्टम रणजीत कुमार की कोर्ट में चल रही थी। शनिवार को फिर इस मामले में सुनवाई हुई। बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने अशोक को झूठा फंसाने की दलील देते हुए कहा कि उनका चरस के कारोबार से कोई सरोकार नहीं हैं।

वहीं अभियोजन की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता दिनेश कुमार कश्यप ने सख्त सजा देने की मांग की। उनका तर्क था कि आरोपी युवाओं को नशे का आदी बना रहे थे। पकड़े गए अन्य आरोपियों के बयानों से यह बात साबित हो चुकी है। वहीं स्वतंत्र गवाहों ने भी कोर्ट पहुंचकर अशोक के खिलाफ गवाही दी। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने अशोक रमडिक लाल को दोषी मानते हुए 14 साल सात माह की सजा सुनाई है। साथ ही चार लाख का जुर्माना भी लगाया है।

संबंधित समाचार