कानपुर अधिवक्ता हत्याकांड: बवाल होने की आशंका में पोस्टमार्टम हाउस बना छावनी, आरोपी गिरफ्तार
कानपुर। बार एसोसिएशन के चुनाव के दौरान शुक्रवार को चुनावी रंजिश में अधिवक्ता गौतम दत्त (30) की गोली मारकर हत्या कर दी गई। इससे पहले हंगामे और बवाल के बीच मतदान स्थगित कर दिया गया था। करीब आधे घंटे बाद शाम साढ़े चार बजे तोप वाले गेट के पास यूको बैंक के सामने वारदात को …
कानपुर। बार एसोसिएशन के चुनाव के दौरान शुक्रवार को चुनावी रंजिश में अधिवक्ता गौतम दत्त (30) की गोली मारकर हत्या कर दी गई। इससे पहले हंगामे और बवाल के बीच मतदान स्थगित कर दिया गया था। करीब आधे घंटे बाद शाम साढ़े चार बजे तोप वाले गेट के पास यूको बैंक के सामने वारदात को अंजाम दिया गया। गौतम की अधिवक्ता चाची संगीता द्विवेदी की तहरीर पर कोतवाली पुलिस ने एक नामजद और तीन अज्ञात के खिलाफ हत्या और एससीएसटी की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की है।
शुक्रवार को बार एसोसिएशन के चुनाव के दौरान हंगामे के कारण एल्डर्स कमेटी ने शाम को मतदान स्थगित कर दिया। तब तक 79 प्रतिशत मतदान हो सका था। इसके बाद अनवरगंज के फूलवाली गली निवासी अधिवक्ता गौतम दत्त अपने चैंबर के सामने कुछ वकीलों के साथ चर्चा कर रहे थे। संगीता की तहरीर के मुताबिक, चर्चा के दौरान जनरलगंज निवासी तरुण अग्रवाल अपने साथियों के साथ वहां पहुंचा। उसने गौतम से कहा, बहुत चुनाव लड़वा रहा था अब जितवा ले चुनाव और उसे गोली मार दी। गोली पेट के निचले हिस्से में दाहिनी ओर लगी और गौतम बेहोश हो गए। साथी अधिवक्ता उन्हें उर्सला ले गए, जहां से उन्हें हैलट रेफर कर दिया गया। हैलट में इलाज के दौरान गौतम की मौत हो गई। गौतम भाजपा विधि प्रकोष्ठ के मंडल सह संयोजक भी थे।
वारदात के बाद फोर्स संग मौके पर पहुंचे डीसीपी पूर्वी प्रमोद कुमार ने फोरेंसिक टीम की मदद से साक्ष्य एकत्रित किए। डीसीपी के मुताबिक, गोली तमंचे से चलाई गई। मौके से एक खोखा बरामद हुआ है। संगीता की तहरीर पर पुलिस ने तरुण अग्रवाल पुत्र टोनी अग्रवाल और उसके तीन अज्ञात साथियों के खिलाफ हत्या और एससीएसटी की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की है। हालांकि, पुलिस की जांच में तहरीर में जिसे तरुण गुप्ता बताया गया है, उसका असली नाम तरु उर्फ आशीष अग्रवाल है। आरोपी भी भाजपा से जुड़ा बताया गया है।
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