मप्र ओबीसी आरक्षण: पूर्व सीएम उमा भारती की अपील, रास्ता निकाले राज्य सरकार
भोपाल। मध्यप्रदेश में आगामी पंचायत चुनाव में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) को दिया जाने वाला आरक्षण उच्चतम न्यायालय की ओर से निरस्त किए जाने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने इस पर चिंता जताते हुए कहा है कि उन्होंने इस बारे में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से बात की है और राज्य सरकार को …
भोपाल। मध्यप्रदेश में आगामी पंचायत चुनाव में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) को दिया जाने वाला आरक्षण उच्चतम न्यायालय की ओर से निरस्त किए जाने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने इस पर चिंता जताते हुए कहा है कि उन्होंने इस बारे में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से बात की है और राज्य सरकार को इस मामले में रास्ता निकालना चाहिए।
उमा भारती ने आज इस बारे में अपने ट्वीट करते हुए कहा कि पंचायत चुनावों में ओबीसी आरक्षण पर लगी हुई न्यायिक रोक चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि उन्होंने इस विषय में आज सुबह मुख्यमंत्री चौहान से फोन पर बात की। उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि ओबीसी आरक्षण के बिना राज्य में पंचायत का चुनाव मध्यप्रदेश की लगभग 70 फीसदी आबादी के साथ अन्याय होगा।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि पंचायत चुनाव में पिछड़े वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित करने का समाधान किए बिना पंचायत चुनाव ना हों, इसका रास्ता राज्य सरकार को निकालना ही चाहिए।
उन्होंने कहा कि उन्हें मुख्यमंत्री चौहान ने जानकारी दी है कि वे इस विषय पर विधि विशेषज्ञों से परामर्श कर रहे हैं। पंचायत चुनाव में ओबीसी आरक्षण को लेकर इस समय राज्य में राजनीति जोरों पर है। भारतीय जनता पार्टी ने इसका ठीकरा कांग्रेस पर फोड़ते हुए कहा है कि कांग्रेस ने उच्चतम न्यायालय में गलत तर्क पेश किए, जिसके चलते न्यायालय ने ओबीसी आरक्षण पर रोक लगा दी।
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