लखनऊ: धर्मांतरण के खिलाफ विहिप ने शुरू किया देशव्यापी अभियान
लखनऊ। विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने अवैध धर्मांतरण के खिलाफ देशव्यापी ‘धर्म रक्षा अभियान’ सोमवार से शुरू किया है। विहिप के केन्द्रीय संयुक्त मंत्री और राष्ट्रीय प्रवक्ता विजय शंकर तिवारी ने यहां संवाददाताओं को यह जानकारी देते हुये बताया कि 11 दिन तक चलने वाले इस अभियान के माध्यम से धर्मांतरण के कुत्सित प्रयासों की …
लखनऊ। विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने अवैध धर्मांतरण के खिलाफ देशव्यापी ‘धर्म रक्षा अभियान’ सोमवार से शुरू किया है। विहिप के केन्द्रीय संयुक्त मंत्री और राष्ट्रीय प्रवक्ता विजय शंकर तिवारी ने यहां संवाददाताओं को यह जानकारी देते हुये बताया कि 11 दिन तक चलने वाले इस अभियान के माध्यम से धर्मांतरण के कुत्सित प्रयासों की पोल खोली जायेगी। तिवारी ने कहा कि अवैध धर्मांतरण की देशव्यापी विभीषिका को देखते हुए केंद्र और राज्य सरकारों को इसे रोकने के लिये कठोर कानून बनाने होंगे।
जिससे हिन्दू विरोधी प्रयासों पर लगाम लगाते हुये जनजातीय समुदाय के हितों पर हो रहे कुठाराघात को रोका जा सके और विस्मृत लोगों को स्वधर्म में वापस लाया जाये। उन्होंने कहा कि परावर्तन के पुरोधा स्वामी श्रद्धानंद के बलिदान दिवस, 23 दिसंबर को पहले से ही विहिप की ओर से धर्म रक्षा दिवस के रूप में मनाया जाता है। लेकिन, अवैध धर्मांतरण के षड्यंत्रों की व्यापकता को देखते हुए इस अभियान को इस साल विस्तार दिया गया है। उन्होंने बताया कि इस अभियान के अंतर्गत लोगों को धर्मांतरण के षड्यंत्रों के बारे में जागरुक करते हुये इन्हें उजागर किया जायेगा। तिवारी ने दावा किया कि कोरोना काल में जब पूरा देश संकटग्रस्त था, तब अधिकांश सामाजिक एवं धार्मिक संगठन सेवा कार्यों में लगे थे। उस समय कुछ लोग देश में धर्मांतरण के कार्य में लगे थे।
उन्होंने कहा कि कोरोना के शांत होते ही ये षड्यंत्र उजागर हुये। उन्होंने कहा कि इनमें पता चला कि कारोना काल में भोले-भाले वनवासियों, ग्राम वासियों और पिछड़ी बस्ती के निवासियों को विशेष रूप से निशाना बनाया गया। इसमें पता चला कि संप्रदाय विशेष के धार्मिक स्थलों की संख्या ने कोरोना काल के दौरान पुराने सभी रिकॉर्ड तोड़ दिये। उन्होंने इस अभियान में लव जिहाद से पीड़ित हिंदू महिलाओं की प्रताड़ना और हत्या के सुनियोजित षड्यंत्रों को भी उजागर किया जायेगा।
पढ़ें: अमेठी: बड़ौदा यूपी बैंक राजा फत्तेपुर में दलालों का बोलबाला, बैंक प्रशासन मौन
तिवारी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में धर्मांतरण कानून लागू होने के बाद इसके उल्लंघन के लगभग 50 से अधिक मामले दर्ज हुये हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि जिन राज्यों में अवैध धर्मांतरण व लव जिहाद को रोकने के लिए सशक्त कानून नहीं है, उन राज्यों पर भी उत्तर प्रदेश के अनुभव को साझा करते हुये अविलंब सशक्त कानून बनाने का दबाव बनाया जायेगा। इसके अलावा तिवारी ने अवैध धर्मांतरण के राष्ट्रव्यापी स्वरूप और आतंकी संगठनों से इनके संबंधों का हवाला देते हुए केंद्र सरकार से इनके षड्यंत्रों को रोकने के लिए शीघ्र एक सशक्त कानून बनाने की मांग की। साथ ही सुझाव दिया कि अनुसूचित जनजातियों के जिन व्यक्तियों ने धर्मांतरण कर लिया है। उन्हें जनजातियों को मिलने वाले लाभों से वंचित करने के लिए भी जरूरी संविधान संशोधन करना चाहिये।
