देवरिया की रुद्रपुर सीट अपने पाले में लेने पर निषाद पार्टी का जोर, जानिए

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

देवरिया। उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और निषाद पार्टी के बीच गठबंधन को देखते हुये देवरिया जिले की रुद्रपुर विधानसभा सीट पर उम्मीदवारी को लेकर दोनों दलों के बीच पेंच फंसता नजर आ रहा है। फिलहाल रुद्रपुर सीट से भाजपा सरकार में राज्य मंत्री जय प्रकाश निषाद विधायक …

देवरिया। उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और निषाद पार्टी के बीच गठबंधन को देखते हुये देवरिया जिले की रुद्रपुर विधानसभा सीट पर उम्मीदवारी को लेकर दोनों दलों के बीच पेंच फंसता नजर आ रहा है। फिलहाल रुद्रपुर सीट से भाजपा सरकार में राज्य मंत्री जय प्रकाश निषाद विधायक हैं। निषाद मतदाताओं के बाहुल्य वाली इस सीट से जय प्रकाश पिछले चुनाव में तीसरी बार विधायक चुने गये थे। लेकिन, इस बार भाजपा से गठबंधन को देखते हुए निषाद पार्टी इस सीट पर अपना उम्मीदवार उतारने का मन बना चुकी है।

इसके मद्देनजर ही रुद्रपुर में निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ संजय निषाद का दौरा हाल ही में दो बार हो चुका है। जानकारों का मानना है कि डॉ निषाद गठबंधन के तहत रुद्रपुर सीट को सबसे सुरक्षित मानते हुये इस सीट की उम्मीदवारी पर निषाद पार्टी का दावा भाजपा नेतृत्व के समक्ष पेश करने का मन बना चुके हैं। वहीं, मौजूदा विधायक और योगी सरकार में राज्य मंत्री जय प्रकाश भी इस सीट से अपनी दावेदारी छोड़ने के लिये आसानी से तैयार नहीं होंगे। ऐसी स्थिति में यह सीट गठबंधन के दोनों घटक दलों के लिये गले की हड्डी बन सकती है। भाजपा के जय प्रकाश रुद्रपुर सीट को अपनी पुश्तैनी सीट बताते हुये इससे इतर किसी अन्य सीट से चुनाव लड़ने के लिये फिलहाल तैयार नहीं दिख रहे हैं।

पढ़ें: लखनऊ: धर्मांतरण के खिलाफ विहिप ने शुरू किया देशव्यापी अभियान

उन्होंने अब तक ऐसा कोई संकेत भी नहीं दिया है। जिससे इस सीट पर पेंच फंसने की स्थिति में किसी अन्य विकल्प पर वह चुनावी किस्मत आजमा सकें। हालांकि यह सही है कि रुद्रपुर सीट के प्रति निषाद पार्टी के मोह में अचानक वृद्धि ने मंत्री जय प्रकाश के चेहरे पर चिन्ता की लकीरें जरूर उकेर दी हैं। भाजपा और निषाद पार्टी के बीच रुद्रपुर सीट को लेकर अंतिम फैसला तो भविष्य तय करेगा, मगर इस बीच रुद्रपुर से पहले विधायक रहे कांग्रेस के प्रभावशाली नेता अखिलेश प्रताप सिंह ने अभी से ही इसपर अपना टिकट पक्का मानकर, अपना प्रचार अभियान तेज कर दिया है। अगर सिंह इस सीट से कांग्रेस के टिकट पर किस्मत आजमाते हैं तो चुनावी मुकाबला रोचक होना तय है।

फिलहाल सपा और बसपा ने अभी अपने भावी प्रत्याशी के बारे में पत्ते नहीं खोले हैं। हालांकि सपा से पूर्व विधायक खोखा सिंह, प्रदीप यादव और श्रीनाथ त्रिपाठी रुद्रपुर से टिकट के दावेदारों की कतार में आगे खड़े हैं। ऐसे में दिलचस्प चुनावी अखाड़ा बनने जा रही रुद्रपुर सीट पर सपा और बसपा कांग्रेस के टिकट पर सिंह के नाम की मुहर को पक्का मानते हुये भाजपा के पत्ते खुलने के इंतजार में है।

संबंधित समाचार