बरेली: 7 साल से नहीं बढ़ा मानदेय, संविदा कर्मियों का कार्य से इंकार
बरेली, अमृत विचार। स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के अंतर्गत कार्यरत जिला कंसलटेंट, योजना सहायक, कंप्यूटर आपरेटर, खंड प्रेरक एवं डाटा इंट्री आपरेटरों को मिलने वाले मानदेय को सात साल से बढ़ाया नहीं गया है। मानदेय बढ़ाने को लेकर कर्मचारियों ने सोमवार को विकास भवन परिसर में धरना प्रदर्शन कर आवाज बुलंद की। इस संबंध में …
बरेली, अमृत विचार। स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के अंतर्गत कार्यरत जिला कंसलटेंट, योजना सहायक, कंप्यूटर आपरेटर, खंड प्रेरक एवं डाटा इंट्री आपरेटरों को मिलने वाले मानदेय को सात साल से बढ़ाया नहीं गया है। मानदेय बढ़ाने को लेकर कर्मचारियों ने सोमवार को विकास भवन परिसर में धरना प्रदर्शन कर आवाज बुलंद की। इस संबंध में मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन कलेक्ट्रेट व विकास भवन में सौंपा।
जिला कंसलटेंट विपिन कुमार सिंह ने बताया कि जिले में स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के तहत 3 जिला कंसलटेंट, 1 योजना सहायक, जिला स्तर पर 1 कंप्यूटर आपरेटर, 24 खंड प्रेरक व 13 डाटा इंट्री आपरेटर कार्यरत हैं। सात साल पहले जो मानदेय मिलता था, वही मानदेय आज भी जा रहा है, जिससे कर्मचारियों में आक्रोश है। ज्ञापन में कहा गया है कि जिला कंसलटेंट के मानदेय से सर्विस चार्ज की कटौती करने के बाद अत्यंत कम मानदेय मिलता है। यह न्याय संगत नहीं है।
कर्मचारियों का कहना है कि राज्य आजीविका मिशन, मनरेगा आदि में दिए जा रहे मानदेय के आधार पर सभी कर्मियों को मानदेय एवं यात्रा भत्तों का भुगतान किया जा सकता है। अपर मुख्य सचिव इस संबंध में पूर्व में आदेश जारी कर चुके हैं। मांगे नहीं मानने पर कर्मचारी 22 दिसंबर तक पूर्ण तरीके से कार्य नहीं करेंगे। इसके बाद भी अगर मांगे नहीं मानी गई तो समस्त कर्मी अनिश्चितकालीन कार्य बाहिष्कार व आमरण अनशन को बाध्य होंगे। जिसकी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।
ज्ञापन देने वालों में जिला कंसलटेंट सुशांकी सिंह, विपिन सिंह, खंड प्रेरक मेघेन्द्र मिश्रा, समीर सिंह, संजीव कुमार, अमित सक्सेना, प्रदीप राजपूत, राघवेंद्र सिंह, धर्मवीर, महेश, दिलीप, अनिल कुमार, राजीव कुमार आदि शामिल रहे।
