राज्यसभा में विपक्ष का जोरदार हंगामा, कार्यवाही दोपहर दो बजे तक स्थगित

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नई दिल्ली। विभिन्न मुद्दों पर विपक्षी सदस्यों के हंगामे की वजह से मंगलवार को राज्यसभा की कार्यवाही शुरु होने के 10 मिनट के भीतर ही दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। सुबह सदन की कार्यवाही आरंभ होने पर सभापति एम वेंकैया नायडू ने आवश्यक दस्तावेज सदन के पटल पर रखवाए। इसके …

नई दिल्ली। विभिन्न मुद्दों पर विपक्षी सदस्यों के हंगामे की वजह से मंगलवार को राज्यसभा की कार्यवाही शुरु होने के 10 मिनट के भीतर ही दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। सुबह सदन की कार्यवाही आरंभ होने पर सभापति एम वेंकैया नायडू ने आवश्यक दस्तावेज सदन के पटल पर रखवाए।

इसके बाद उन्होंने सदन को सूचित किया कि 20 दिसंबर को हुई कार्य मंत्रणा समिति की बैठक में निर्वाचन विधि संशोधन विधेयक को चर्चा और पारित करने के लिए तीन घंटे का समय आवंटित किया गया है। विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे सहित अन्य विपक्षी सदस्यों ने इस पर आपत्ति जताई और कहा कि वे समिति की बैठक में मौजूद नहीं थे। खड़गे ने कहा कि जब हम बैठक में मौजूद ही नहीं थे तो इसे क्यों स्वीकार करें।

इस पर नायडू ने कहा कि मत करिए सदन तो स्वीकार करता है ना आपको समझना पड़ेगा यदि कार्य मंत्रणा समिति की बैठक में कोई नहीं आता है तो कोई क्या कर सकता है। नायडू ने कहा कि उन्हें नियम 267 के तहत कुछ नोटिस मिले हैं लेकिन उन्होंने सभी को अस्वीकार कर दिया है। इसके बाद नायडू ने विपक्षी सदस्यों से सदन को सुचारू रूप से चलने देने का आग्रह किया लेकिन विपक्षी सदस्य अपनी बातों पर कायम रहे।

लिहाजा, नायडू ने सदन की कार्यवाही 11 बजकर आठ मिनट पर दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी। खड़गे ने लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्रा के इस्तीफे को लेकर नोटिस दिया था। कुछ अन्य विपक्षी सदस्य 12 सदस्यों का निलंबन वापसी की भी मांग करते सुने गए। ज्ञात हो कि इन दोनों मुद्दों पर सोमवार को भी राज्यसभा में हंगामा हुआ था।

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