2018 में संन्यास लेने पर विचार कर रहे थे रविचंद्रन अश्विन, किए चौंकाने वाले खुलासे

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जोहानसबर्ग। भारतीय ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने खुलासा किया है कि वह एक समय क्रिकेट को छोड़ने का मन भी बना चुके थे। अश्विन को जैसे ही न्यूज़ीलैंड सीरीज और दक्षिण अफ़्रीका दौरे के बीच थोड़ा समय मिला, तो भारत के प्रमुख ऑफ स्पिनर ने कुछ हैरान करने वाली बात भी बताई, जिसमें उन्होंने कहा,”2018 …

जोहानसबर्ग। भारतीय ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने खुलासा किया है कि वह एक समय क्रिकेट को छोड़ने का मन भी बना चुके थे। अश्विन को जैसे ही न्यूज़ीलैंड सीरीज और दक्षिण अफ़्रीका दौरे के बीच थोड़ा समय मिला, तो भारत के प्रमुख ऑफ स्पिनर ने कुछ हैरान करने वाली बात भी बताई, जिसमें उन्होंने कहा,”2018 और 2020 के बीच कई बार मेरे मन में ख्याल आया है कि अब मुझे इस खेल को त्याग देना चाहिए। मुझे लगता था कि मैं अपनी तरफ से कोशिश तो भरपूर कर रहा हूं लेकिन इसका फल मुझे नहीं मिल रहा।

विशेष रूप से एथलेटिक प्यूबल्जिया और पेटेलर टेंडोनाइटिस के साथ – मैं छह गेंदें फेंकता था और फिर मैं हांफने लगता था। इसके बाद मेरा पूरा शरीर मानो दर्द से टूटने लगता था, जब घुटने का दर्द तेज़ होता, तो अगली गेंद पर मेरा जंप भी कम हो जाता था। जब मैं कम कूदता था, तो कंधों और पीठ के ज़रिए मुझे ज़्यादा ज़ोर लगाना होता था। और फिर ऐसा करने से मैं और भी तकलीफ में खुद को डाल देता था। यही वह समय था जब लगता था कि अब मुझे इस खेल से ब्रेक ले लेना चाहिए।”

अश्विन आगे कहते हैं, “आप मुझे कुछ भी कह सकते हैं, आप मुझे टीम से बाहर निकाल सकते हैं, सब ठीक है, लेकिन मेरे इरादे या मेरे प्रयास पर संदेह करना कुछ ऐसा है जिसने मुझे सबसे ज़्यादा चोट पहुंचाई है।” ऑफ स्पिनर ने कहा,”2018 में इंग्लैंड श्रृंखला के ठीक बाद और फिर उसी साल ऑस्ट्रेलिया में सिडनी टेस्ट से पहले और एडिलेड टेस्ट के बाद मेरे जेहन में संन्यास की बात आई। मैं जिस एकमात्र व्यक्ति से बात कर रहा था वह मेरी पत्नी थी। लेकिन मेरे पिता को मुझपर काफी भरोसा था, वह यही कहते थे तुम सीमित ओवर क्रिकेट में फिर वापसी करोगे। उनकी इन बातों ने मुझे प्रेरित किया और मैंने अपना इरादा बदल दिया।”

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