बरेली: 9.5 लाख पशुओं पर मंडरा रहा खुरपका- मुंहपका का खतरा

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बरेली, अमृत विचार। जिले के पशुओं में खुरपका-मुंहपका रोग फैलने की आशंका है, लेकिन इस वर्ष अभी तक जिले को सरकार से वैक्सीन उपलब्ध नहीं होने की वजह से पशुओं का टीकाकरण नहीं हो पाया है। पशुपालक वैक्सीन के लिए विभाग के चक्कर लगा रहे हैं। विभाग दिसंबर महीने के अंत तक वैक्सीन मिलने की …

बरेली, अमृत विचार। जिले के पशुओं में खुरपका-मुंहपका रोग फैलने की आशंका है, लेकिन इस वर्ष अभी तक जिले को सरकार से वैक्सीन उपलब्ध नहीं होने की वजह से पशुओं का टीकाकरण नहीं हो पाया है। पशुपालक वैक्सीन के लिए विभाग के चक्कर लगा रहे हैं। विभाग दिसंबर महीने के अंत तक वैक्सीन मिलने की संभावना जता रहा है। करीब साढ़े नौ लाख पशुओं का टीकाकरण का लक्ष्य निर्धारित है।

वैसे तो राष्ट्रीय पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम के तहत अक्टूबर में पशुओं को टीका लगाने का अभियान शुरू होना था। विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक मंडल के बदायूं और प्रदेश के कुछ अन्य जिलों में पशुओं में मुंहपका और खुरपका का रोग चल रहा है। इससे कई दुधारू पशुओं की मौत हो चुकी है। पिछले दिनों शहर स्थित एक गोशाला में भी कई पशुओं के इस बीमारी से मरने की चर्चा रही। कई अभी बीमार हैं, लेकिन, इस वर्ष अभी तक पशु चिकित्सा विभाग द्वारा पशुओं को मुंहपका और खुरपका की वैक्सीन नहीं लगाई जा सकी है, क्योंकि जिले को अभी तक सरकार से वैक्सीन उपलब्ध नहीं हुई है। इधर, पशुओं का टीकाकरण न होने से पशुपालक भी इस बात को लेकर चिंतित हैं कि यदि शीघ्र टीकाकरण नहीं हुआ तो पशुओं में यह रोग तेजी से बढ़ सकता है।

ये हैं खुरपका-मुंहपका रोग के लक्षण
पशु के मुंह से अत्यधिक लार का टपकना, जीभ और तालू पर छालों का उभरना, जुगाली बंद करना, दूध उत्पादन में कमी और गर्भपात होना आदि लक्षण हैं।

ऐसे करें बचाव
रोग का पता लगने पर संक्रमित पशु को अन्य पशुओं से अलग रखें। दूध निकालने वाले व्यक्ति को हाथ और मुंह साबुन से धोने चाहिए। प्रभावित क्षेत्र को सोडियम कार्बोनेट के घोल से धोना चाहिए। चिकित्सकों की सलाह पर तुरंत टीका लगवाने के साथ नियमित उपचार कराएं। पशुओं को बांधने की जगह पर ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव करना चाहिए।

वर्जन–
अब तक टीकाकरण शुरू हो जाना चाहिए था। साल में दो बार टीकारकरण होता है, लेकिन वैक्सीन न मिलने से अभियान शुरू नहीं हो सका है। दिसंबर के अंत तक जिले में वैक्सीन आने की संभावना जताई जा रही है।  –डा. ललित कुमार वर्मा, सीवीओ

 

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