मुरादाबाद : नाबालिग की हुई शादी, चाइल्ड लाइन ने रोकी विदाई

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मुरादाबाद,अमृत विचार। बाल विवाह रोकने के सरकार भले ही तमाम दावे कर रही हो लेकिन जमीनी स्तर पर सच्चाई कुछ और है। पारिवारिक मजबूरी कहें या अन्य कारण, लेकिन अभी भी बड़े पैमाने पर बाल विवाह हो रहे हैं। जबकि केंद्र सरकार लड़की के विवाह की आयु 18 से बढ़ाकर 21 साल करने जा रही …

मुरादाबाद,अमृत विचार। बाल विवाह रोकने के सरकार भले ही तमाम दावे कर रही हो लेकिन जमीनी स्तर पर सच्चाई कुछ और है। पारिवारिक मजबूरी कहें या अन्य कारण, लेकिन अभी भी बड़े पैमाने पर बाल विवाह हो रहे हैं। जबकि केंद्र सरकार लड़की के विवाह की आयु 18 से बढ़ाकर 21 साल करने जा रही है।

यह मामला मुगलपुरा थाना क्षेत्र के एक गांव का है। जहां 16 साल की नाबालिग का विवाह परिजनों ने करा दिया। 21 दिसंबर को बारात आई थी। जयमाल के बाद विवाह की सारी रश्मे भी हो गईं। शिकायत पर चाइल्ड लाइन और बाल कल्याण समिति की टीम तब पहुंची जब फेरों के बाद नाबालिग की विदाई की तैयारी चल रही थी।

चाइल्ड लाइन की प्रभारी श्रद्धा शर्मा और बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष अमित कौशल ने वर पक्ष और वधू पक्ष के लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की बात कहीं तो परिजन मिन्नतें करने लगे। इस पर दोनों ही अधिकारियों ने तय किया कि विवाह संस्कार हो चुका है, लेकिन नाबालिग की विदाई तब तक नहीं होगी, जब तक की वह 18 वर्ष की न हो जाए। इस पर वर व वधू पक्ष के लोग रजामंद हो गए। चाइल्ड लाइन और सीडब्ल्यूसी के अधिकारियों ने शपथ लेकर वर व वधू पक्ष के लोगों के खिलाफ कार्रवाई को टाल दिया।

बता दें कि चाइल्ड लाइन पर आई गोपनीय शिकायत पर सोमवार को चाइल्ड लाइन की टीम ने मुगलपुर थाना क्षेत्र के जीलाल मोहल्ला पहुंची थी। जहां जांच पड़ताल में पाया कि परिजनों द्वारा 21 दिसंबर को जिस लड़की का विवाह कराया जा रहा है। उसकी उम्र मात्र 16 साल है। ऐसे में टीम द्वारा परिजनों की कांउंसिलिंग की गई। साथ ही बेटी की 18 वर्ष में शादी कराने का लिखित में पत्र भी लिया था। लेकिन इसके बाद भी परिजनों ने नाबालिग की गुपचुप तरीके से शादी करा दी। बुधवार को चाइल्ड लाइन और सीडब्ल्यूसी की टीमें विदाई के वक्त पहुंची थीं।

ये है अधिनियम
बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के अंतर्गत बाल विवाह कराने वाले वर-वधु के माता-पिता, सगे संबंधी, बाराती यहां तक की विवाह कराने वाले पुरोहित के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है। इस अधिनियम का उल्लंघन करने पर दो साल तक के कठोर कारावास या एक लाख रुपये जुर्माना या दोनों से से दंडित किया जा सकता है।

सोमवार को टीम ने जांच की थी। जांच के दौरान लड़की की उम्र 16 साल पाई गई थी। तब पिता ने लिखित में दिया था कि शादी नहीं करेंगे। लेकिन, नाबालिग की शादी कर दी गई है। टीम ने मौके पर पहुंचकर विदाई रोक दी है। अब बेटी माता के पास है। 18 साल के बाद ही विदाई करने का शपथ पत्र दिया है। – श्रद्धा शर्मा, प्रभारी चाइल्ड लाइन

विदाई की सूचना पर टीम मौके पर पहुंची। परिजनों से शपथ पत्र लिया गया है। साथ ही 18 साल तक लड़की को विदा नहीं करने की सख्त हिदायत दी गई है। अगर इसके बाद भी लड़की विदा होती है तो परिजनों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। -अमित कौशल, अध्यक्ष, सीडब्ल्यूसी

बाल विवाह के छह साल के आंकड़ों पर एक नजर
वर्ष  मामले
2016-17 5
2017-18 9
2018-19 15
2019-20 20
2020-21 25
2021-22 27

 

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