जब राम की बात हो तो सबको विराम दे देना चहिए : कुमार विश्वास

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लखनऊ। भारत रत्न पं. अटल बिहारी बाजपेयी के जयंती की पूर्व संध्या पर शुक्रवार को अटल राम संकल्प अपने-अपने राम कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व केंद्रीय शिक्षामंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने दीप प्रत्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया। इसके बाद मंच पर मशहूर कवि कुमार विश्वास ने माइक संभाला। उनको सुनने के …

लखनऊ। भारत रत्न पं. अटल बिहारी बाजपेयी के जयंती की पूर्व संध्या पर शुक्रवार को अटल राम संकल्प अपने-अपने राम कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व केंद्रीय शिक्षामंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने दीप प्रत्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया। इसके बाद मंच पर मशहूर कवि कुमार विश्वास ने माइक संभाला।

उनको सुनने के लिए कनवेंशन सेंटर के तीनों सभागार लोगों की भीड़ से खचाखच भरे थे। श्री राम की मर्यादा में उन्होंने महात्मा गांधी, अटल बिहारी बाजपेयी व अमृतलाल नागर जैसी शख्सियतों को अपने खास अंदाज में पेश किया। साथ ही बीच-बीच में कुमार विश्ववास ने जब मौजूदा चुनावी दौर और वर्तमान राजनीति पर चुटीले तंज कसे तो दर्शक ठहाके लगाने से खुद को रोक नहीं सके।

श्रद्धेय पं. अटल बिहारी बाजपेयी मेमोरियल फाउंडेशन की ओर से कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मशहूर कवि कुमार विश्वास ने अपने अंदाज में रचनाएं सुनाकर श्रोताओं पर अपना जादू चलाया। उन्होंने कहा कि, जब राम की बात हो तो सबको विराम दे देना चहिए। भक्त होकर सुनेंगे तो अच्छा लगेगा, विभक्त होकर नहीं। यह हिंदी की लोकप्रियता है या अटल जी के व्यक्तित्व का जादू, कनवेंशन सेंटर के तीनों हाल में भीड़ है। चुनावी समय का आयोजन है।

यहां मौजूद लोग संकेत पकड़ने में लगे हैं। कि, योगी आदित्यनाथ व धर्मेंद्र प्रधान के सामने कुमार विश्वास ने दिए संकेत। चुनावी समय भी है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुखातिब होते हुए कहा कि, सामाजिक, आर्थिक, समरसता का सिद्धपीठ आपको मानता हूं, मुख्यमंत्री जी। आपने कवि सम्मेलन कम सुने हैं, इसे लेकर मुझे आपसे शिकायत है। 2007 में अहमदाबाद में एक मुख्यमंत्री ने मुझे सुना था, जो 2014 में प्रधानमंत्री की कुर्सी पर विराजमान हो गए। आपको भी सुनना चाहिए। यह सुन मुख्यमंत्री सहित सभागार में मौजूद सभी लोग मुस्कुरा उठे।

आम नागरिकों को अटल जी ने झकझोरा : योगी

मुख्यमंत्री ने योगी आदित्यनाथ ने अटल जी जीवन और उनके उदेश्यों को बयां किया। कहा कि, अटल जी जैसा कोई नहीं है। एक ओर जहां साहित्य व राजनीति के प्रति उनका भाव आम नागरिकों को झकझोरता है। अटल जी कहते थे, आदमी न छोटा होता है, न बड़ा होता है। वह सिर्फ आदमी होता है। तो वहीं, दूसरी ओर अटल जी ने कार्यकर्ता से कहा था कि छोटे मन से कोई बड़ा नहीं होता, टूटे मन से कोई खड़ा नहीं होता।

इस देश की वो राजनीति जो मूल परंपरा को सदैव दुत्कारती थी, उसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में अयोध्या में राम मंदिर, काशी में विश्वनाथ धाम बनाकर सराहा। उस दौर में जब हिंदू होने पर प्रताड़ित किया जाता था तब अटल जी ने हिंदू मेरा मन की पंक्तियां कहकर समाज को नई ऊर्जा देने का काम किया था। हम उनके भावों से जुड़े हुए हैं। पद जाने के बाद भी अटल जी हमेशा याद किए जाते हैं। संस्था के अध्यक्ष व कैबिनेट मंत्री बृजेश पाठक ने कहा कि, अटल जी का लखनऊ से दिल का रिश्ता था।

इनको मिला अटल सम्मान

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कई लोगों को अटल सम्मान से नवाजा। योगी ने अटल बिहारी बाजपेयी के मित्रों में शामिल नानक चंद लखमानी, हरिश्चंद्र अग्रवाल, विनोद सोनकर, राजेंद्र अग्रवाल, चंद्रिका प्रसाद लोधी, रागिनी रस्तोगी, उर्मिला मिश्र, वेदप्रकाश त्रिवेदी, अंजनी श्रीवास्तव, एसपी तिवारी, शिखा गोयल को सम्मानित किया गया। वहीं, नगर निगम डिग्री कॉलेज की ओर से आयोजित क्विज प्रतियोगिता के विजेताओं हिमांशु पटेल, अनुराग विश्वकर्मा, विश्वराज सिंह, अभिषेक तिवारी को भी सम्मानित कर पुरुस्कार राशि दी।

यह रहे शामिल

कार्यक्रम में शिक्षामंत्री भारत सरकार धर्मेंद्र प्रधान, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, भाजपा सांसद व प्रदेश प्रभारी राधा मोहन सिंह, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्रदेव सिंह, मंत्री महेंद्र सिंह, कैबिनेट मंत्री आशुतोष गोपाल टंडन, महापौर डॉ. संयुक्ता भाटिया व युवा भाजपा नेता नीरज सिंह सहित कई विधायक मौजूद रहे।

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