खटीमा में हाईस्कूल-इंटर के फर्जी प्रमाण पत्र बनाने वाले गिरोह का पर्दाफाश, दो गिरफ्तार
खटीमा, अमृत विचार। एसओजी की टीम ने हाईस्कूल और इंटर के फर्जी प्रमाण पत्र व अंक पत्र बनाने के धंधे का खुलासा किया। टीम ने एक दुकान से कंप्यूटर और फर्जी प्रमाण पत्र बरामद किए हैं। पुलिस ने मामले में तीन लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस …
खटीमा, अमृत विचार। एसओजी की टीम ने हाईस्कूल और इंटर के फर्जी प्रमाण पत्र व अंक पत्र बनाने के धंधे का खुलासा किया। टीम ने एक दुकान से कंप्यूटर और फर्जी प्रमाण पत्र बरामद किए हैं। पुलिस ने मामले में तीन लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस के अनुसार मुखबिर ने एसओजी को गैंग लीडर खटीमा के शिव कालोनी निवासी मोहित सक्सेना के सहयोगी मूल रूप से चंपावत के लड़ाबोरा, अमोड़ी व हाल निवासी हनुमान मंदिर के पास खटीमा निवासी मनोज कुमार कालाकोटी के साथ मिलकर वार्ड संख्या 7 निवासी आरोपी दीपक उर्फ कुलदीप सिंह सहोता के साथ लोगों के हाईस्कूल व इंटर और आईटीआई आदि के फर्जी प्रमाण पत्र बनाने की सूचना दी थी। इस पर अपने परिचित से मनोज कुमार कालाकोटी को तीन हजार रूपए एडवांस में दिए है।
जिससे 10 तथा कक्षा 12 के प्रमाण पत्र बनाने की बात हुई। इनके द्वारा टनकपुर डिपो में फर्जी कूटरचित कागजात से कई लोगों की नौकरी लगाई गई है। सूचना दी कि श्यामवीर के नाम के कक्षा 10 तथा 12 के प्रमाण पत्र सह अंक पत्र लेकर मंडी खटीमा पीलीभीत रोड के सामने खड़ा है। जिसके पास श्यामवीर के नाम के कक्षा 10 तथा 12 के फर्जी प्रमाण पत्र हैं मैने उसे 3 हजार रुपए पूर्व में ही दे दिए हैं। बांकी की धनराशि प्रमाण पत्र लेने के उपरांत देने हैं।
मुखबिर की सूचना पर एसओजी प्रभारी रुद्रपुर एसआई कमलेश भट्ट के नेतृत्व में टीम ने पीलीभीत रोड पर आरोपी मनोज कुमार कालाकोटी को दबोच लिया। जो राप्रावि गंगरार सूखीढांग में सहायक अध्यापक बताया जा रहा है। उसके कब्जे से कक्षा 10 व 12 के प्रमाण पत्र, सह अंक पत्र बरामद हुए। कक्षा 10 के प्रमाण पत्र श्याम वीर, स्कूल का नाम जीआईसी अमोली चंपावत वर्ष 2015 परिणाम प्रथम श्रेणी उत्तीर्ण है। कक्षा 12 के प्रमाण पत्र सह अंक पत्र में परीक्षा 2018 रेगुलर जीआईसी अमोली चंपावत प्रथम श्रेणी पास अंकित है। बताया कि आरोपी शिव कालोनी नौगवां ठग्गू निवासी आरोपी मोहित सक्सेना आपस में 50-50 प्रतिशत के भागीदार हैं। आरोपी कुलदीप सिंह सहोता को प्रत्येक प्रमाण पत्र का 1000 रुपए आरोपी मोहित सक्सेना देता है।
जिसकी हनुमान मंदिर के सामने एयरटेल नाम से दुकान है यह प्रमाण पत्र भी वहीं छपवाये जाते हैं। आरोपी मनोज से एक मोबाइल फोन बरामद हुआ। जिसके व्हाट्स एप में फर्जी प्रमाण पत्र बनवाने संबंधी साक्ष्य हैं। वहीं कुलदीप सिंह सहोता की की तलाशी लेने पर एक मोबाइल, काउंटर पर श्यामवीर के नाम के कक्षा 10 व 12 के प्रमाण पत्र मिले।
प्रमाण पत्र के कटे छोटे 24 टुकड़े, प्रिंट आउट निकालने के लिए एक अदद प्रिंटर, एक मय स्टैंड खाली मोटे पेपर, पारदर्शी पालीथीन में कागज, मोनिटर, सीपीयू,माउस आदि बरामद हुआ। बताया गया कि प्रत्येक प्रमाण पत्र बनाने का उसे हजार रुपया मिलता है। मोहित और मनोज के आपस में बराबर के पार्टनर होने के साथ ही एक प्रमाण पत्र के 20 हजार रुपए लेने की बात सामने आयी। बताया कि आरोपी कई लोगों के फर्जी तरीके से अन्य स्थानों से भी प्रमाण पत्र बना बनवा चुके हैं। आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है। कोतवाल नरेश चौहान ने बताया कि आरोपी मनोज व कुलदीप को गिरफ्तार किया गया है। टीम में गणेश, ललित, राजेंद्र कुमार, प्रमोद, कुलदीप सिंह शामिल रहे।
