रामपुर : खनन माफिया के साथ नोट उड़ा रहे अफसर, वीडियो वायरल
रामपुर,अमृत विचार। कोसी नदी में अवैध खनन रुकने का नाम नहीं ले रहा है। इस खेल के पीछे असली वजह स्टोन क्रशरों के मालिक हैं। स्टोन क्रशर मालिकों की खनन माफिया से साठगांठ के कारण ही कोसी नदी में अवैध खनन फलफूल रहा है। स्टोन क्रशर मालिकों को मंडल स्तर के एक बड़े अफसर का …
रामपुर,अमृत विचार। कोसी नदी में अवैध खनन रुकने का नाम नहीं ले रहा है। इस खेल के पीछे असली वजह स्टोन क्रशरों के मालिक हैं। स्टोन क्रशर मालिकों की खनन माफिया से साठगांठ के कारण ही कोसी नदी में अवैध खनन फलफूल रहा है। स्टोन क्रशर मालिकों को मंडल स्तर के एक बड़े अफसर का संरक्षण प्राप्त है। यही वजह है कि स्थानीय प्रशासन कार्रवाई करने से हाथ रोक रहा है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और राष्ट्रीय हरित न्यायालय के दिशा निर्देशों की भी धज्जियां स्टोन क्रशर मालिक उड़ा रहे हैं। इसी बीच एक वायरल वीडियो ने स्वार तहसील के अफसरों की भूमिका पर सवालिया निशान लगा दिया है।
यह वीडियो पुराना जरूर है लेकिन प्रशासन और खनन माफिया के बीच साठगांठ की पोल खोलने के लिए काफी है। 18 जुलाई का यह वीडियो बाजपुर के महाराजा होटल का है जिसमें एक स्टोन क्रशर मालिक के बेटे की वर्षगांठ पार्टी में जमकर नोटों को लुटाया जा रहा है। इस वीडियो में स्वार के एक एसडीएम, लेखपाल और लेखपाल का दलाल साफ दिख रहे हैं। जिस स्टोन क्रशर मालिक के यहां पार्टी में यह अधिकारी मय ड्राइवर और स्टाफ के शामिल हुए हैं, उस पर उत्तराखंड और स्वार क्षेत्र में फर्जी रायल्टी बनाने के मुकदमे दर्ज हैं। वीडियो वायरल होने के साथ ही ट्वीटर पर इसे मुख्यमंत्री और अन्य अफसरों के हैंडल पर भी शेयर किया गया है। जिस तरह नोटों की बारिश करके पार्टी की जा रही वह चर्चा में है।
रातों रात हो रहा है अवैध खनन
जिले में कोसी नदी में अवैध खनन तेजी से रातों रात हो रहा है। नदी से सटाकर ही नियम और कानूनों को दरकिनार करके स्टोन क्रशर खुले हुए हैं। खनन माफिया रातों रात खनन करके बालू को स्टोन क्रशर के हवाले कर रहे हैं। अवैध खनन करके जुटाई गई बालू स्टोन क्रशरों पर पहुंचते ही वैध कर ली जा रही है। एक रात में दो सौ से ढाई सौ डंपर बालू खनन करके जुटाई जा रही है। जिसे रातों रात ओवरलोड भरकर डंपरों के सहारे भेजा जा रहा है। स्टोन क्रशर मालिकों के जिला प्रशासन के अलावा मंडल स्तर के एक बड़े अधिकारी से संबंध हैं। उस अधिकारी के संरक्षण में स्टोन क्रशर मालिक फल फूल रहे हैं। जिले में करीब 40 स्टोन क्रशर हैं जिन्होंने एक संगठन बनाकर भी अफसरों पर अपना एकाधिकार कर लिया है।
स्टोन क्रशर कोसी नदी के फ्लड एरिया में स्थापित किए गए हैं जोकि राष्ट्रीय हरित न्यायालय और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के जारी दिशा निर्देशों के ठीक विपरीत हैं। स्टोन क्रशर अधिकांश स्वार तहसील क्षेत्र के पटटीकलां घोसीपुरा और मसवासी के आसपास बनाए गए हैं। टांडा तहसील क्षेत्र में भी अकबराबाद साइड में कुछ अवैध स्टोन क्रशर चल रहे हैं जहां बड़ी तादात में बालू एकत्र करके रखा गया है। स्वार तहसील प्रशासन के अफसरों ने अवैध रूप से जुटाए गए बालू तो न जब्त किया है और न अभी तक कोई भी कार्रवाई की है। सूत्रों की माने तो मंडल स्तर के एक बड़े अधिकारी की वजह से पुलिस भी कार्रवाई करने से बच रही है।
नदी से सटाकर चलाए जा रहे स्टोन क्रशर
एक तरफ प्रशासन खनन नहीं होने के दावे कर रहा है वहीं दूसरी ओर स्टोन क्रशर को नियम के विरुद्ध नदी से सटाकर चलाया जा रहा है। जोकि नियम का उल्लंघन है। खनन विभाग से लेकर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अफसरों ने साठगांठ के चलते खुली छूट दे रखी है। खनन विभाग ने अभी तक स्टोन क्रशर के नियम विरुद्ध बनाए जाना दिखने के बाद भी पैमाइश करने की भी जहमत नहीं उठाई है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी भी स्टोन क्रशरों के मानक पूरे करने की फर्जी रिपोर्ट देकर विभाग जिम्मेदारियों से बच रहे हैं।
सीमा विवाद का फायदा उठा रहे माफिया
कोसी नदी में पट्टी कलां और घोसीपुरा में उत्तराखंड से चल रहे सीमा विवाद का फायदा पटट्टी कलां के माफिया और स्टोन क्रशर मालिक उठा रहे हैं। लेकिन प्रशासन ने अभी तक उत्तराखंड के सीमा विवाद को हल नहीं किया है। काशीपुर और स्वार तहसील के बीच यह सीमा विवाद हल हो जाए तो आसानी से खनन के धंधे पर रोक लगाई जा सकती है। क्योंकि माफिया का बचने का मौका नहीं मिलेगा।
जिले में 40 स्टोन क्रशर के लाइसेंस हैं जोकि सभी मानक पूरे करते हैं। कहीं भी बिना लाइसेंस के स्टोन क्रशर चलने की जानकारी नहीं है। अवैध खनन की अभी तक कोई शिकायत नहीं मिली है। खेतों से होने वाले खनन पर परमीशन नियमानुसार ही दी जा रही है। -राजकुमार संगम, जिला खनन अधिकारी।
