बरेली: किराएदारों को घर से निकलाना पड़ा मंहगा, मकान मालिक को जेल हुई, प्लाट बिक गया, हालात यह कि अब खुद किराए के मकान में रहते हैं
बरेली, अमृत विचार। उत्तर प्रदेश के बरेली में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। एक परिवार को दो किराएदारों को घर से निकालना इतना मंहगा पड़ गया कि उनका मकान बिक गया, जेल भी हो गई। मगर अभी तक किराएदार उनका पीछा नहीं छोड़ रहे है। जब भी वह किसी केस में पकड़े जाते …
बरेली, अमृत विचार। उत्तर प्रदेश के बरेली में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। एक परिवार को दो किराएदारों को घर से निकालना इतना मंहगा पड़ गया कि उनका मकान बिक गया, जेल भी हो गई। मगर अभी तक किराएदार उनका पीछा नहीं छोड़ रहे है। जब भी वह किसी केस में पकड़े जाते है तो मकान मालिक का नाम ले लेते है।
जिसके बाद बिना किसी कसूर के भी पुलिस मकान मालिक को हिरासत में लेकर जेल में बंद कर देती है। इन दिनों पीड़ित परिवार पुलिस अधिकारियों के कार्यालयों में चक्कर काट रहे है। मगर उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
करीब 9 साल पहले किराए पर रखे थे दो लड़के
दरअसल, बारादरी थाने के जोगी नवादा के रहने वाले देवेंद्र राठौर परिवार के साथ रहते हैं। उन्होंने बताया कि 8 साल पहले वह एक परचून की दुकान चलाते थे। 12 से अधिक कमरों का लॉज किराए पर उठता था। वर्ष 2012 में उन्होंने अपने लॉज का एक कमरा इज्जतनगर के कलारी गांव के रहने वाले मुन्ना लाल और उनके 2 बेटे सोनू और मोनू का किराए पर दिया।
बाद में पता चला कि वह आपराधिक प्रवृति के है। आए दिन चोरी चकारी करते रहते है। तो मकान मालिक ने उन्हें 15 दिन बाद ही घर से बाहर निकाल दिया। मगर घर से जाते वक्त सोनू ओर मोनू धमकी देकर गए थे कि इसका अंजाम वह जिंदगी भर भुगतेंगे।
बेटे को 22 दिन की जेल भी काटनी पड़ी
चोरों को घर से निकाले जाने के बाद हालात यह हो गए कि वह चोर जब भी पुलिस के हाथ लगते तो वह मकान मालिक देवेंद्र और उनके बेटे दिनेश महेश का नाम ले लेते। जिसकी वजह से महेश को 22 दिनों की जेल भी काटनी पड़ी। मगर इसके बाद भी चोरों ने उनका पीछा नहीं छोड़ा है। हालात यह हो चुके है कि मकान मालिक को यह भी नहीं पता होता कि कब उन्हें चोरी के इलजाम में पुलिस उठाकर ले जाएगी।
बेटों के साथ अब नाती को भी फंसाने लगे
पीड़ित परिवार के मुातबिक बीते दिनों पुलिस ने सोनू को जेल में बंद किया था। किसी दूसरे मामले में हाल ही में मोनू को भी उठाया। पूछताछ में उसने देवेंद्र के नाती का भी नाम ले दिया। जिसके बाद पुलिस ने अब देवेंद्र के नाती को भी उठा लिया है। उन्होंने बताया कि सोनू ने पुलिस से यह कहा कि उनका नाती भी हमारी गैंग में शामिल है।
जिसके बाद देवेंद्र शनिवार को एसएसपी ऑफिस पहुंचे और न्याय की गुहार लगाई। मामले में अधिकारियों ने इसकी जांच सीओ तृतीय को सौपी है। पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए पीड़ित परिवार को न्याय दिलाया जाएगा।
अब खुद किराए के मकान में रहते है
पीड़ित महेश ने बताया कि उन्होंने अपना मकान भी बेच दिया है। उसका एग्रीमेंट हो चुका है। कुछ दिनों में मकान खाली भी करना पड़ेगा। अब वह अपने ही मकान में किराएदार की तरह रहते है। वह खुद के मकान में रहने का किराया देते है।
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