रायबरेली: उन्नाव-लालगंज हाईवे का निर्माण धीमा, सफर करना हुआ मुश्किल

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

रायबरेली। उन्नाव से लालगंज जाने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग 232 को फोरलेन करने का काम शुरू हो गया है। काम इतना धीमा है कि 2023 तक इसके पूरे होने की संभावना कम है। ऐसे में उन्नाव से लालगंज का सफर बेहद मुश्किल है। उन्नाव से लालगंज जाने वाले हाईवे की दशा बहुत ही खराब है। यह …

रायबरेली। उन्नाव से लालगंज जाने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग 232 को फोरलेन करने का काम शुरू हो गया है। काम इतना धीमा है कि 2023 तक इसके पूरे होने की संभावना कम है। ऐसे में उन्नाव से लालगंज का सफर बेहद मुश्किल है। उन्नाव से लालगंज जाने वाले हाईवे की दशा बहुत ही खराब है। यह अभी टू लेन है, वहीं इस सड़क पर यातायात का भार बहुत है।

सड़क जगह-जगह टूट गई है और गड्ढों में तब्दील है। कन्नौज की ओर से या कानपुर, झांसी की ओर से आने वाले लोग अभी फतेहपुर के रास्ते रायबरेली जाते हैं, जबकि उनके लिए उन्नाव से लालगंज हाईवे से जाना आसान है, लेकिन जाम और टूटी सड़क की वजह से नहीं जाते। जब हाईवे चौड़ा हो जाएगा तो यह समस्या नहीं रह जाएगी। वहीं ट्रांसगंगा सिटी में निवेश करने वाले उद्यमियों को भी इसका बड़ा लाभ मिलेगा।

इस हाईवे पर  पांच-पांच बाईपास बनाए जाने हैं। यह हाईवे उन्नाव से बेथर, बिहार, निहत्था होते हुए लालगंज में बांदा-रायबरेली हाईवे को जोड़ेगा। फोरलेन बन जाने के बाद गड्ढायुक्त सड़क से निजात मिलेगी तो साथ ही वाहन फर्राटा भर सकेंगे। वहीं कानपुर से रायबरेली, अमेठी, सुल्तानपुर, प्रतापगढ़, आंबेडकर नगर का आवागमन आसान हो जाएगा।

यह हाईवे 1602 करोड़ रुपये से बनना है। इस पर एक टोल प्लाजा होगा। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने इस हाईवे का ठेका पीएनसी कंपनी को दे रखा है। इसके लिए 197 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण होना है, फिलहाल 95 फीसद भूमि का अधिग्रहण किया जा चुका है। कंपनी ने अचलगंज से बेथर, बिहार से बीघापुर तक निर्माण का काम शुरू कर दिया है। वहीं पेड़ों को काटा जा रहा है। निर्माण कार्य 2023 में पूरा होना है।

पढ़ें- यूनान : भूकंप के दो शक्तिशाली झटकों से हिला क्रीत द्वीप, 5.4 रही तीव्रता

हाईवे निर्माण पर एक नजर

  • 197 हेक्टेयर जमीन होनी है अधिग्रहित अधिग्रहण।
  • 95 फीसद हो चुका है भूमि का अधिग्रहण।
  • 13877 पेड़ों को काटने की अनुमति मिली।
  • 15 किमी लंबा हाईवे बनाया जा रहा है।

यहां बाईपास निकालेंगे

अचलगंज से बेथर तक 8.4 किमी, रेलवे लाइन बाईपास 2.3 किमी, बिहार बाईपास की लंबाई 2.35 किमी तो निहत्था बाईपास की लंबाई 1.00 किमी है। इसी तरह लालगंज बाईपास 6.9 किमी का बनेगा।

उन्नाव से लालगंज तक फोरलेन हाईवे बनना है। इसके लिए 95 फीसद जमीन का अधिग्रहण हो चुका है। अचलगंज बाईपास बनाने का काम शुरू हो गया है। इसके बनने से पूर्वांचल की ओर जाना आसान हो जाएगा। — पंकज मिश्रा, परियोजना निदेशक एनएचएआइ

संबंधित समाचार