नैनीताल: पढ़िए हाईकोर्ट से जुडे़ समाचार

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केंद्रीय चुनाव आयोग को नोटिस जारी कर जवाब पेश करने को कहा नैनीताल, अमृत विचार।  उत्तराखंड हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजय कुमार मिश्रा और न्यायमूर्ति एनएस धनिक की खंडपीठ ने राज्य में विधानसभा चुनाव स्थगित किये जाने को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए केंद्रीय चुनाव आयोग को नोटिस जारी कर जवाब …

केंद्रीय चुनाव आयोग को नोटिस जारी कर जवाब पेश करने को कहा

नैनीताल, अमृत विचार।  उत्तराखंड हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजय कुमार मिश्रा और न्यायमूर्ति एनएस धनिक की खंडपीठ ने राज्य में विधानसभा चुनाव स्थगित किये जाने को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए केंद्रीय चुनाव आयोग को नोटिस जारी कर जवाब पेश करने को कहा है। मामले की अगली सुनवाई 3 जनवरी 2022 को होगी।

अधिवक्ता शिव भट्ट ने हाईकोर्ट में पूर्व से विचाराधीन सचिदानंद डबराल व अन्य बनाम यूनियन ऑफ इंडिया संबंधी जनहित याचिका में कोर्ट के आदेशों के विपरीत विभिन्न राजनीतिक दलों द्वारा कोविड नियमों के विपरीत की जा रही रैलियों की तस्वीरें संलग्न कर प्रार्थनापत्र पेश किया। याचिका में कहा गया कि इन रैलियों में कोरोना संक्रमण फैलने की पूरी संभावना है। इनके द्वारा कोविड के नियमों का उल्लंघन किया जा रहा है।

प्रार्थना पत्र में कोरोना के नए वेरियंट का जिक्र करते हुए कहा है कि यह कोविड के किसी भी अन्य संस्करण की तुलना में 300 प्रतिशत से अधिक तेजी से फैल रहा है इसलिए लोगों के जीवन की रक्षा के लिए यह आवश्यक हो गया है कि चुनावी रैलियों जैसी बड़ी सभाओं से बचा जाए। सभी राजनीतिक दलों को यह निर्देश दिए जाएं कि वे अपनी रैलियां वर्चुअल रूप से ही करें। अदालत से नए साल के जश्न के दौरान होने वाली पार्टियों पर प्रतिबंध लगाने की भी मांग की गई है। विधानसभा चुनाव स्थगित करने के चुनाव आयोग द्वारा भारत सरकार को निर्देश दिए जाएं।

वीसी पद को चुनौती देने वाली याचिका निस्तारित
–  हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजय कुमार मिश्रा व न्यायाधीश एनएस धनिक की खंडपीठ ने कुमाऊं विश्वविद्यालय, नैनीताल के वीसी पद को चुनौती देने वाली याचिका बुधवार को निस्तारित कर दी। खंडपीठ ने कहा कि, याचिकाकर्ता का 8 अप्रैल 2021 का प्रत्यावेदन राज्यपाल के यहां विचाराधीन है। राज्यपाल निर्णय लेने से पूर्व याचिकाकर्ता व वीसी का पक्ष सुनें।
मामले के अनुसार राज्य आंदोलनकारी देहरादून निवासी रविंद्र जुगरान ने याचिका दायर कर कहा कि कुमाऊं विवि के वीसी प्रो. एनके जोशी वीसी पद हेतु निर्धारित योग्यता और अर्हता पूरी नहीं रखते हैं। प्रो. जोशी ने वीसी पद के आवेदन पत्र के साथ संलग्न बायोडाटा में गलत और भ्रामक जानकारियां दर्शित की हैं।

सरकार व नैनीताल पालिका 6 तक पेश करें जवाब

– नेशनल हॉकर फेडरेशन ऑफ इंडिया द्वारा बिना सर्वे किए स्ट्रीट वेंडरों को हटाए जाने के खिलाफ दायर जनहित याचिका पर हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजय कुमार मिश्रा व न्यायमूर्ति एनएस धनिक की खंडपीठ ने सुनवाई की। खंडपीठ ने सरकार व नगर पालिका नैनीताल से 6 फरवरी 2022 तक जवाब पेश करने को कहा है। अगली सुनवाई को 6 फरवरी की तिथि नियत की है।
सुनवाई के दौरान सरकार व नगर पालिका नैनीताल की तरफ से कोर्ट को अवगत कराया गया कि नैनीताल में उन्होंने स्ट्रीट वेंडरों को हाईकोर्ट के आदेश पर चिन्हित कर लिया है। उनको नगर पालिका द्वारा लाइसेंस और जगह भी दी है। उसके बाद भी बिना लाइसेंस के वेंडर, वेंडर जोन में बैठ जाते हैं। मामले के अनुसार नेशनल हॉकर फेडरेशन द्वारा जनहित याचिका में कहा गया कि उत्तराखंड में लगभग 10187 स्ट्रीट वेंडर हैं। सरकार ने स्ट्रीट वेंडर एक्ट 2014 का पालन अभी तक नहीं किया है, जिसमे कहा गया है कि स्ट्रीट वेंडरों के लिए एक निर्धारित जगह होगी। उसे संबंधित कॉर्पोरेशन द्वारा लाइसेंस दिया जाएगा। उनको हटाने से पूर्व समाचार पत्रों में विज्ञप्ति जारी करनी होगी। जिस जगह पर स्ट्रीट वेंडरों के लिए जगह निर्धारित होगी, वहां पर ये लोग अपने पास लाइसेंस , आधार और राशन कार्ड रखेंगे, जिससे इनकी आसानी से पहचान हो सके।

अधिकारी के खिलाफ जांच के आदेश
नैनीताल। हाइकोर्ट ने आय से अधिक संपत्ति रखने के आरोप में सहायक समाज कल्याण अधिकारी कांतिराम जोशी के खिलाफ दायर जनहित याचिका पर सुनवाई की। खंडपीठ ने सतर्कता विभाग को निर्देश दिए है कि मामले की जांच शीघ्र करे। देहरादून निवासी एसके सिंह ने याचिका दायर की थी।

 

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