जौनपुर: कोरोना की तीसरी लहर से निपटने के लिए 19 निजी अस्पताल अधिग्रहित
जौनपुर। उत्तर प्रदेश के जौनपुर में कोरोना की तीसरी लहर के खतरे को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सरकारी चिकित्सा प्रतिष्ठानों के साथ जिले के 19 निजी अस्पतालों को अधिग्रहित कर लिया है। जिले में कोरोना के नोडल अधिकारी डॉ. संदीप सिंह ने बताया कि कोविड-19 के …
जौनपुर। उत्तर प्रदेश के जौनपुर में कोरोना की तीसरी लहर के खतरे को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सरकारी चिकित्सा प्रतिष्ठानों के साथ जिले के 19 निजी अस्पतालों को अधिग्रहित कर लिया है। जिले में कोरोना के नोडल अधिकारी डॉ. संदीप सिंह ने बताया कि कोविड-19 के नए वैरिएंट ओमीक्रॉन को लेकर स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से अलर्ट है।
उन्होंने बताया कि इसके मद्देनजर स्थानीय प्रशासन ने जिला अस्पताल के अलावा सात सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों और स्थानीय ट्रामा सेन्टर को भी अलर्ट मोड पर रखा है। उन्होंने कहा कि अधिग्रहित किए गए निजी अस्पतालों में लगभग 425 बेड की सुविधा हैं।
बच्चों को ध्यान में रखते हुए 20 वेंटिलेटर की भी व्यवस्था की गयी है। उन्होंने बताया कि पिछले अनुभव से सबक लेते हुये इस बार जिला प्रशासन ने 12 ऑक्सीजन प्लांट तैयार कर लिये हैं।
डॉ. सिंह ने बताया कि इनमें से दो-दो आक्सीजन प्लांट जिला अस्पताल एवं महिला अस्पताल में लगाये गये हैं। दोनों अस्पतालों में जरूरतमंद मरीजों के लिए एक एक प्लांट से आक्सीजन की आपूर्ति हो रही है। उन्होंने बताया कि कोविड एल-2 (महिला अस्पताल) में बच्चों के लिये 40 बेड का पीकू वार्ड बनाया गया है। इसमें 20 बेड पर वेंटिलेटर एवं 15 पर छोटे बच्चों के लिए वेंटिलेटर तैयार है। शेष 60 बेड कोविड से पीड़ित वयस्क मरीजों के लिये है। जबकि सात बेड गर्भवती महिलाओं के लिए तैयार है।
उन्होंने बताया कि जिले के सतहरिया और बदलापुर में 50-50 बेड, केराकत, शाहगंज, रेहटी, मछलीशहर और बरसठी एवं ट्रामा सेंटर में 30-30 बेड की व्यवस्था की गयी है। सभी अस्पतालों में कोरोना संक्रमण की आशंका को देखते हुये मार्कड्रिल हो रहा है।
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