हल्द्वानी: गौलापार के ग्रामीणों की मेहनत पर पानी फेरेगा सिंचाई विभाग, वजह जानकर हो जाएंगे हैरान

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हल्द्वानी, अमृत विचार। आपदा में क्षतिग्रस्त हुयी गौला नहर को ग्रामीणों ने श्रमदान कर सुचारू तो कर लिया, लेकिन अब सिंचाई विभाग उनकी मेहनत पर पानी फेरने की तैयारी में जुट गया है। सिंचाई विभाग को नहर के पुनरुद्धार के लिए मिलने वाले 214.73 लाख रुपये के बजट के आने का इंतजार है। बजट मिलने …

हल्द्वानी, अमृत विचार। आपदा में क्षतिग्रस्त हुयी गौला नहर को ग्रामीणों ने श्रमदान कर सुचारू तो कर लिया, लेकिन अब सिंचाई विभाग उनकी मेहनत पर पानी फेरने की तैयारी में जुट गया है। सिंचाई विभाग को नहर के पुनरुद्धार के लिए मिलने वाले 214.73 लाख रुपये के बजट के आने का इंतजार है। बजट मिलने नहर को सुधारा जाएगा।

गौलापार में 17 और 18 अक्टूबर को आई आपदा से क्षतिग्रस्त नहर को चालू करने के लिए सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने काफी प्रयास किया था, लेकिन सफलता नहीं मिली। आखिरकार ग्रामीणों श्रमदान और आपसी सहयोग से धनराशि एकत्रित करके किसी तरह गौला नहर की मरम्मत की थी। वर्तमान में इससे ही सिंचाई समेत अन्य कार्यों के लिए पानी की आपूर्ति हो रही है। अब सिंचाई विभाग का कहना है कि गौलापार में ग्रामीणों ने नहर को ठीक तो कर दिया है लेकिन यह मजबूत काम नहीं है। इसलिए बजट मिलने के बाद नहर को फिर से तोड़ कर बनाया जाएगा।

ग्रामीणों ने जोड़-तोड़ करके नहर को चालू तो कर लिया है, लेकिन यह अस्थायी है। गौला के पानी का अधिक दबाव यह झेल नहीं पाएगी। भविष्य में यदि आपदा फिर आई तो संकट खड़ा हो जाएगा। इसलिए नहर को तोड़कर पुन: बनाया जाना आवश्यक है। बजट मिलने ही इसका नक्शा आईआईटी रुड़की बनने के लिए भेजा जाएगा। इसके बाद ही पुनरुद्धार कार्य शुरू होगा। – तरुण कुमार, एक्सीएन सिंचाई विभाग

अधिकारी ग्रामीणों के मनोबल को तोड़ना चाहते हैं : बिष्ट
पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य अर्जुन बिष्ट ने बताया कि गौलापार नहर से सिंचाई को बजट स्वीकृत होते ही गौला नहर के क्षतिग्रस्त 65 प्रतिशत हिस्से का पुनरुद्धार शुरू हो जायेगा। ऐसा होते ही 45 गांवों के लोगों को पुन: परेशानी का सामना करना पड़ेगा। पहले ही वह सिंचाई के लिए परेशान हो चुके हैं। सिंचाई विभाग के अधिकारी तो नहर को चालू नहीं कर पाए, लेकिन ग्रामीणों ने यह काम करके दिखाया है। अधिकारी यदि चाहे तो ग्रामीणों की मेहनत को बचाकर नहर का पुनरुद्धार किया जा सकता है, लेकिन अधिकारी आने वाले बजट की धनराशि को ठिकाने लगाने की तैयारी में है।

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